कटनी(YASHBHARAT.COM)। प्रयागराज-मानिकपुर रेलखंड के शंकरगढ़ रेल स्टेशन के पास बीते दिनों हावड़ा से इंदौर जा रही क्षिप्रा एक्सप्रेस में किन्नरों ने चलती ट्रेन से युवक की पिटाई करके नीचे फेंक दिया था। इस घटना में युवक का पैर टूट गया था और गंभीर चोट आई थी। इस घटना के बाद हरकत में आई आरपीएफ ने ट्रेनों में घूम फ़िर कर यात्रियों से अवैध वसूली करने वाले किन्नरों को पकड़ने के प्रयास शुरू किए। जिसमें आरपीएफ को प्रारंभिक सफलता मिली है। बताया जाता है कि कटनी से जबलपुर के बीच चलती ट्रेन में यात्रियों से पैसे मांगने और जबरन वसूली के साथ-साथ अभद्रता करने के आरोप में रेलवे सुरक्षा बल ने तीन किन्नरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। रेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को उप निरीक्षक राजकुमार चंदेल, प्रधान आरक्षक जितेंद्र तिवारी, विपिन कुमार दुबे, आरक्षक हरिकेश दुबे और आरक्षक अरुण यादव प्लेटफॉर्म पर तैनात थे। इसी दौरान गाड़ी संख्या 11401 आउटर पर आकर रुकी। ट्रेन में आरपीएफ कर्मियों ने जब कोच में चेकिंग की तो तीन किन्नर बिना किसी अधिकार पत्र के यात्रियों से पैसे वसूलते पाए गए। यात्रियों ने आरपीएफ को बताया कि पैसे न देने पर ये उनके साथ बदतमीजी और परेशान कर रहे थे। आरपीएफ के अनुसार पकड़े गए तीनों आरोपी इटारसी के नाला मोहल्ले के निवासी हैं। पकड़े गए किन्नरों में 35 वर्षीय बबली गुरु रेशम खान, 45 वर्षीय काली गुरु रेशम खान और 48 वर्षीय गंगा गुरु संजना शामिल है। आरपीएफ ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 137 और 145 के तहत कार्रवाई की है।
क्षिप्रा एक्सप्रेस की घटना के बाद हरकत में आई आरपीएफ ने चलती ट्रेन में यात्रियों से वसूली और बदतमीजी करने वाले तीन को किया गिरफ्तार

















