डिजिटल अरेस्ट और शेयर ट्रेडिंग का मायाजाल: मुंबई में 87 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी से ₹5.10 करोड़ की साइबर ठगी, 2 आरोपी गिरफ्तार
विशेष रिपोर्ट: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से साइबर ठगी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर साइबर जालसाजों ने राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक 87 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी को अपना शिकार बनाया और उनसे ₹5.10 करोड़ ठग लिए।
मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने तत्परता दिखाते हुए मामले की जांच शुरू की और ठगी के तार से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
फर्जी व्हाट्सऐप ग्रुप से शुरू हुआ ठगी का खेल
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मलाड निवासी पीड़ित बुजुर्ग को जुलाई में एक अज्ञात महिला का फोन आया था। इसके बाद उन्हें एक निजी कंपनी के नाम पर चलाए जा रहे व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया। इस ग्रुप में रोज शेयर बाजार की फर्जी टिप्स और मार्केट एनालिसिस शेयर की जाती थी, जिससे पीड़ित का भरोसा जीत लिया गया।
फर्जी ऐप पर दिखाया ₹32 करोड़ का मुनाफा
आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित ने उनके बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹5.10 करोड़ ट्रांसफर कर दिए। फर्जी ट्रेडिंग ऐप/पोर्टल पर पीड़ित को उनका निवेश बढ़कर ₹32.05 करोड़ का मुनाफा दिखाया जा रहा था, जिससे उन्हें सब कुछ असली लगा।डिजिटल अरेस्ट और शेयर ट्रेडिंग का मायाजाल: मुंबई में 87 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी से ₹5.10 करोड़ की साइबर ठगी, 2 आरोपी गिरफ्तार
पैसे निकालने लगे तो मांगी 10% कमीशन
जब बुजुर्ग ने अपनी रकम और मुनाफा निकालने का प्रयास किया, तो हर बार ट्रांजेक्शन फेल कर दिया गया। इसके बाद ठगों ने नया जाल बिछाते हुए IPO खरीदने का दबाव बनाया और कुल रकम निकालने के एवज में 10% अतिरिक्त कमीशन की मांग शुरू कर दी। तब जाकर पीड़ित को अहसास हुआ कि वे साइबर फ्रॉड के शिकार हो चुके हैं।
पुलिस का एक्शन: 2 अरेस्ट, कोर्ट ने भेजा रिमांड पर
पीड़ित ने फौरन ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल’ (National Cyber Crime Portal) और नॉर्थ रीजनल डिवीजन साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने BNS और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
अंधेरी से पकड़े गए आरोपी: जांच के दौरान पैसों के ट्रांजेक्शन को ट्रैक करते हुए पुलिस अंधेरी निवासी अशरफ आलम इमरान करमताली और उसके एक सहयोगी तक पहुँची।
खातों का इस्तेमाल: पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी म्यूल (Mule) बैंक खातों का इस्तेमाल मुख्य साइबर गिरोह को पैसे ट्रांसफर करने के लिए मुहैया कराते थे।
अदालत का फैसला: पुलिस ने दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस गिरोह के मुख्य सरगना की तलाश कर रही है।
सावधान रहें: किसी भी अज्ञात व्हाट्सऐप/टेलीग्राम ग्रुप के जरिए शेयर ट्रेडिंग या भारी मुनाफे के दावों पर विश्वास न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें।
















