भोपाल। सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए एम्स भोपाल के डिप्टी डायरेक्टर धीरेंद्र प्रताप सिंह मध्य प्रदेश के रीवा जिले के प्रतिष्ठित परिवार से हैं। उनके दादाजी वकील थे जबकि उनके पिता एडिशनल एसपी के पद से रिटायर हुए थे। दोनों का स्वर्गवास हो चुका है। डीपी सिंह के दो बेटे हैं। एक बेटा दिल्ली पब्लिक स्कूल से पढ़ाई कर रहा है जबकि बड़ा बेटा जबलपुर में ग्रेजुएशन कर रहा है।
40 लाख का बिल पास करने के बाद रिश्वत लेने आए थे: सीबीआई
प्राइमरी इन्वेस्टिगेशन के बाद सीबीआई ने बताया कि धीरेंद्र प्रताप सिंह ने फार्मासिस्ट से इंटरनेट कॉलिंग के बाद और रिश्वत की रकम प्राप्त करने से पहले ही बिल पास कर दिया था। ऑफिस से बिल पास करने के बाद रिश्वत की रकम लेने के लिए निकले थे तभी सीबीआई ने गिरफ्तार किया। सीबीआई आय से अधिक संपत्ति के मामले में छानबीन कर रही है। समाचार लिखे जाने तक धीरेंद्र प्रताप सिंह के पास 2 करोड रुपए की संपत्ति होने का पता चला है। सीबीआई अब उनके और उनके परिवार जनों के बैंक डिटेल खंगालने की तैयारी कर रही है। सीबीआई एसपी पीके पाण्डेय ने लोगों से अपील कि रिश्वत लेने वाले लोगों की सीबीआई से तुरंत शिकायत करें।
बोला- ससुर ने दिए 7 लाख रुपए
सीबीआई ने बताया कि धीरेंद्र प्रताप सिंह के ब्रीफकेस से ₹700000 नगद बरामद हुए हैं। पूछने पर बताया कि यह पैसे उनके ससुर ने उन्हें दिए हैं। श्री सिंह के ससुर भी वकील थे। कोरोनावायरस की दूसरी लहर में संक्रमित हो जाने के कारण उनकी मृत्यु हो गई थी। अधिकारियों का कहना है कि श्री सिंह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। म्यूचुअल फंड में 80 लाख रुपए निवेश किए गए हैं। सीबीआई इसका सोर्स पता करने की कोशिश कर रही है।
धीरेंद्र प्रताप सिंह हमेशा प्रमुख पदों पर रहे
धीरेन्द्र सिंह IIITM ग्वालियर में डिप्टी रजिस्ट्रार रहे। इसके बाद वर्ष 2017 में प्रमोशन पाकर वह जॉइंट रजिस्ट्रार बन गए। इसी बीच अप्रैल 2017 में डिपुटेशन में IIFM भोपाल में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ रहे। वर्ष 2005 में वह एडवांस मटेरियल एण्ड प्रोसेस रिसर्च इंस्टीट्यूट (AMPRI) भोपाल में सेक्शन ऑफिसर रहे। दिसंबर 2020 में एम्स डिप्टी डायरेक्टर बने।
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