
रिकॉर्ड गिरावट: रुपया पहली बार 93 के पार, जानिए क्यों टूटा भारतीय करंसी का दम। भारतीय मुद्रा भारतीय रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बड़ी कमजोरी के साथ पहली बार 93 प्रति डॉलर के पार पहुंच गया। इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 92.92 पर खुला और गिरकर 93.08 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। इससे पहले बुधवार को यह 92.89 पर बंद हुआ था।
रिकॉर्ड गिरावट: रुपया पहली बार 93 के पार, जानिए क्यों टूटा भारतीय करंसी का दम
गिरावट के बड़े कारण
1. डॉलर की मजबूती
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर मजबूत बना हुआ है।
- डॉलर इंडेक्स 0.17% बढ़कर 100.25 पर पहुंचा
इससे उभरते बाजारों की मुद्राओं (जैसे रुपया) पर दबाव बढ़ता है
2. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
- Foreign Institutional Investors लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं
- इससे डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपया कमजोर होता है
3. पश्चिम एशिया में तनाव
- पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव से निवेशक सुरक्षित विकल्प (डॉलर) की ओर भागते हैं
इसका सीधा असर रुपये पर पड़ता है
4. RBI का हस्तक्षेप
- भारतीय रिजर्व बैंक डॉलर बेचकर रुपये को संभालने की कोशिश कर रहा है
- एक्सपर्ट अनिल कुमार भंसाली के मुताबिक, RBI के हस्तक्षेप के बिना गिरावट और तेज हो सकती थी
5. शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव
- सेंसेक्स और निफ्टी हाल ही में 21 महीने के निचले स्तर तक गिर चुके थे
- हालांकि शुक्रवार को इनमें रिकवरी दिखी
6. कच्चे तेल की चाल
- ब्रेंट क्रूड 106.9 डॉलर प्रति बैरल के आसपास
भारत जैसे आयातक देश के लिए तेल महंगा होना रुपये पर दबाव डालता है
इसका असर क्या होगा?
- आयात महंगा होगा (खासकर पेट्रोल-डीजल, इलेक्ट्रॉनिक्स)
- महंगाई बढ़ सकती है
- विदेश यात्रा और पढ़ाई महंगी हो जाएगी
- लेकिन आईटी और एक्सपोर्ट सेक्टर को फायदा मिल सकता है








