Rajasthan Political Crisis: SOG की बड़ी कार्रवाई, कार से 1.25 करोड़ रुपए बरामद
जयपुर. राजस्थान में सियासी संग्राम के बीच राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) एक के बाद एक खुलासे कर रही है. एसओजी विधायकों की खरीद-फरोख्त के वायरल ऑडियो की जांच के लिए राजस्थान के कई इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी भी कर रही है. मंगलवार को उदयपुर में SOG ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.25 करोड़ रुपए के साथ 3 लोगों को पकड़ा है. एसओजी ने दो कारों से इतनी रकम को बरामदगी की है. एसओजी का कहना है कि मांगीलाल जैन सहित 3 लोगों के पास से यह रकम बरामद की गई है. एसओजी ने बरामद रकम खरीद-फरोख्त के लिए हीं इस्तेमाल किए जा रहे थे, इसकी जांच कर रही है. एसओजी की यह छापेमारी विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर की गई थी.
एसओजी की बड़ी कार्रवाई
एसओजी की शुरुआती पूछताछ में तीनों शख्स ने बरामद रकम के बारे में कहा है कि यह रकम जमीन की रजिस्ट्री के लिए लाए जा रहे थे. एसओजी के एडीजी ADG अशोक राठौड़ ने मीडिया को यह जानकारी देते हुए कहा, ‘फिलहाल सभी आरोपियों से रुपयों के बारे में जानकारी ली जा रही है. उदयपुर के सेक्टर-14 में सभी आरोपियों से पूछताछ की कार्रवाई चल रही है. आरोपियों में मांगीलाल, धमकलाल और राकेश हैं. तीनों लोग मुंबई से आए थे. एसओजी हवाला एंगल से भी जांच कर रही है. पुलिस को अंदेशा है कि यह रकम हवाला के जरिए राजस्थान में कही भेजा जा रहा था.’
Political crisis in Rajasthan- Jaipur, Ashok Gehlot- Sachin Pilot, notice petition- hearing in High Court, Congress Legislature Party meeting, राजस्थान में सियासी संकट- जयपुर, अशोक गहलोत- सचिन पायलट, नोटिस याचिका- हाई कोर्ट में सुनवाई, कांग्रेस विधायक दल की बैठक सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट एक-दूसरे पर खुलकर आरोप लगा रहे हैं.
गौरतलब है कि राजस्थान में पिचले कुछ दिनों से सचिन पायलट सहित 19 विधायकों के बागी होने के बाद गहलोत सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. हालांकि, सीएम अशोक गहलोत ने दावा किया है कि उनकी सरकार बहुमत में है. विपक्षी पार्टी बीजेपी और बागी विधायक सरकार को अल्पमत में होने के दावा कर रहे हैं. इसी को लेकर घमासान मचा हुआ है.
ऑडियो टेप को लेकर राजनीति गर्म
पिछले ही दिनों कांग्रेस की गहलोत सरकार ने एक ऑडियो टेप जारी कर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित दो बागी विधायकों पर एफआईआर दर्ज करवाया था. राजस्थान में एफआईआर दर्ज करने के बाद से ही राजनीतिक घमासान मचा हुआ है. फिलहाल राजस्थान हाईकोर्ट ने विधानसभा के अध्यक्ष से बागी गुट पर 24 जुलाई तक कोई भी फैसला नहीं करने का अनुरोध किया है. इस लिहाज से देखें तो राजस्थान में राजनीतिक संकट अगले दो-तीन दिनों तक बना रह सकता है.
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि तथाकथित ऑडियो टेप में कांग्रेस के बागी विधायक भंवरलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच बातचीत हुई है, जिसमें सरकार को गिराने के लिए लेन-देन और साजिश की बात की जा रही थी. इसी सिलसिले में एसओजी ने आरोपी विधायकों के वॉयस सैंपल लेने के लिए पिछले दिनों हरियाणा के गुरुग्राम, मानेसर और दिल्ली के कई होटलों की खाक छानी थीं, लेकिन विधायक नहीं मिले थे.








