
दिल्ली(YASHBHARAT.COM)। दिल्ली में पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम(पीआरएस) मेंटेनेंस (फाइलों के कम्प्रेशन) के कारण 14 मार्च शनिवार व 15 मार्च रविवार की रात को अस्थायी रूप से बंद रहेगा। जिससे टिकट बुकिंग, कैंसिलेशन और पीएनआर पूछताछ सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। रेलवे के अनुसार दिल्ली की पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम(पीआरएस) की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के लिए रेलवे प्रशासन ने मेंटेनेंस का काम करने का फैसला किया है। इस वजह से कुछ समय के लिए पीआरएस सेवाएं बंद रहेंगी। पीआरएस सेवाएं 14 और 15 मार्च 2026 की दरम्यानी रात (शनिवार और रविवार की रात) को लगभग 3 घंटे के लिए बंद रहेगी। इस दौरान फाइलों के कम्प्रेशन का काम किया जाएगा ताकि भविष्य में सिस्टम और तेजी से काम कर सके। काम पूरा होते ही सेवाएं फिर से शुरू कर दी जाएंगी। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना और टिकट संबंधी काम इस समय सीमा को ध्यान में रखकर पहले ही निपटा लें। यह मेंटेनेंस समय-समय पर होता है और इसे आधिकारिक तौर पर समय-समय पर अधिसूचित किया जाता है।
रेलवे की ये सेवाएं होंगी प्रभावित
सिस्टम बंद रहने के दौरान 139 सेवा (फोन के जरिए) पीएनआर या अन्य पूछताछ नहीं हो सकेगी। साथ ही ई-डिमांड रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी इस दौरान नहीं मिलेगी।
क्या होता है पीआरएस
पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम यानी पीआरएस भारतीय रेलवे का एक कंप्यूटरीकृत नेटवर्क है, जिसके जरिए यात्री अपनी ट्रेनों में बर्थ या सीट रिजर्व कराते हैं। इस सिस्टम के जरिए यात्री रिजर्वेशन काउंटर, वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर टिकट बुक कर सकते हैं।
कैसे काम करता है सिस्टम
यह सिस्टम मुख्य रूप से 2 तरीकों से काम करता है। पहला ऑफलाइन (काउंटर) रेलवे स्टेशनों पर मौजूद आरक्षण केंद्रों (पीआरएस काउंटर) के जरिए, जहां आप फॉर्म भरकर टिकट लेते हैं। दूसरा ऑनलाइन मतलब आईआरसीटीसी की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए जो सीधे पीआरएस के डेटाबेस से जुड़ा होता है।
पीआरएस की खासियत
सेंट्रलाइज्ड डेटा-पूरे भारत में चलने वाली सभी ट्रेनों की सीटों का डेटा एक जगह स्टोर रहता है। आप भारत के किसी भी कोने से किसी भी अन्य स्टेशन की टिकट बुक कर सकते हैं।
अलग-अलग कोटा-: यह सिस्टम जनरल, तत्काल, लेडीज, सीनियर सिटीजन और दिव्यांग जैसे अलग-अलग कोटा के तहत सीटों का प्रबंधन करता है।
टिकट के टाइप-: इसके जरिए कंफर्म, वेटिंग लिस्ट और आरएसी टिकट जारी किए जाते हैं।
कैंसिलेशन और रिफंड-: टिकट रद्द करने पर रिफंड की गणना भी इसी सिस्टम द्वारा रेलवे के नियमों के आधार पर की जाती है।








