Latestमध्यप्रदेश

Pran Pratishtha Day-5 LIVE: प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का पांचवां दिन, टेंट में रह रहे राम लला विराजमान आज भव्य मंदिर में करेंगे प्रवेश

Pran Pratishtha Day-5 LIVE: प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का पांचवां दिन,

Pran Pratishtha Day-5 LIVE: प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के पांचवां दिन20 01 2024 ram lala virajman jan 20 2024 8269487 83323734

  •  अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का आज पांचवां दिन है
  • आज राम लला विराजमान को गर्भ गृह में लाया जा सकता है
  • राम लला विराजमान 28 साल से टेंट में हैं
  • शुक्रवार को राम लला विराजमान की विशेष आरती हुई
  • इसके बाद उनके दर्शन भक्तों के लिए बंद कर दिए गए।

भगवान राम की नगरी अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले महा आयोजन (Ram Mandir Pran Pratishtha) की तैयारियों पूरी कर ली गई हैं। प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का शनिवार को पांचवां दिन है। अनुष्ठान की पूर्णाहुति 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में होगी। पूरा देश बेसब्री से उस दिन का इंतजार कर रहा है। हर शहर में दिवाली जैसी की तैयारियां हो चुकी हैं। क्या मॉल, क्या गगनचुंबी इमारतें और क्या आम परिवारों के घर, सभी को सजाया गया है। लोग उस दिन दिवाली मना सके, इसके लिए पटाखों की दुकानें 7 गई हैं।

Ayodhya Visit: जिसे जो करना है करे, मैं तो अयोध्या जरूर जाऊंगा

यह हमारा सौभाग्य है कि इस समय यह मंदिर बन रहा है। इसलिए हम सभी को जाना चाहिए और आशीर्वाद लेना चाहिए। कोई भी जाए और कोई भी न जाए, मेरी भगवान में जो आस्था है और एक यकीन है, मैं तो जरूर जाऊंगा। कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन सी पार्टी जाती है और कौन सी पार्टी नहीं, लेकिन मेरा अपना एक स्टैंड है, मैं तो पक्का जाऊंगा। अगर किसी को मेरे राम मंदिर जाने से कोई दिक्कत है, तो वे जो चाहे करें।- आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सदस्य और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह

8 : 42 : 28 AM

राम लला की नई मूर्ति की विशेषताएं

 राम लला की नई मूर्ति की विशेषताएं

8 : 07 : 38 AM

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में भक्तों को मिलेगी ये खास सुविधा

 देखिए खास वीडियो

राम मंदिर निर्माण के लिए सबसे बड़े दानदाता बने मोरारी बापू

 कथावाचक मोरारी बापू अयोध्या के राम मंदिर के निर्माण में सबसे बड़े दानदाता के रूप में उभरे हैं। छह दशकों से भी अधिक समय से रामायण का प्रचार-प्रसार कर रहे बापू ने कुल 18.6 करोड़ रुपये की दानसेवा की है। इस सहायता राशि में भारत से 11.30 करोड़, ब्रिटेन और यूरोप से 3.21 करोड़ और अमेरिका, कनाडा और कई अन्य देशों से 4.10 करोड़ का योगदान है।

Back to top button