सियासी घमासान: क्या SIR विरोधियों के दिल में ‘बांग्लादेश मॉडल’ है? नेहा बोरा के बयान पर BJP का राहुल गांधी पर करारा हमला
नई दिल्ली। देश में चुनाव आयोग और SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के खिलाफ विपक्षी दलों का ‘वोट चोरी’ विरोधी आंदोलन अब एक नए बड़े विवाद में घिर गया है। AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा बांग्लादेश के छात्र आंदोलन को लेकर दिए गए एक बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूरे विपक्षी तंत्र पर देश के लोकतंत्र को तबाह करने की साजिश का आरोप लगाया है।
नेहा बोरा का विवादित बयान: बांग्लादेशी आंदोलन से मिली प्रेरणा
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट मार्च और विपक्षी प्रदर्शनों में राहुल गांधी व प्रियंका गांधी के साथ आगे नजर आईं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने एक साक्षात्कार/संबोधन में बांग्लादेश के छात्र आंदोलन (Gen-Z Movement) की तारीफ की।
नेहा बोरा का दावा: “बांग्लादेश के आंदोलन ने दुनिया भर के Gen-Z (युवाओं) को रास्ता दिखाया है। बांग्लादेश में हुई लड़ाई लोकतंत्र और वोट के अधिकार के लिए थी। भारत का Gen-Z भी उसी तरह अपने लोकतंत्र और वोट के अधिकार के लिए लड़ रहा है। हमें बांग्लादेश के युवाओं के आंदोलन से प्रेरणा और सीख मिली है।”
भाजपा का तीखा पलटवार: यह सत्ता परिवर्तन और लोकतंत्र को तबाह करने की साजिश
नेहा बोरा द्वारा भारतीय विरोध प्रदर्शन की तुलना बांग्लादेशी तख्तापलट और जनांदोलन से करने पर बीजेपी ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर हमला तेज कर दिया है।
प्रदीप भंडारी (बीजेपी प्रवक्ता) की प्रतिक्रिया
“राहुल गांधी और कांग्रेस का तंत्र लोकतांत्रिक और संवैधानिक माध्यमों से चुनाव या राजनीतिक प्रतिरोध करने में विश्वास नहीं रखता। वे लोकतांत्रिक तरीके के बजाय गैर-संवैधानिक रूप से सत्ता परिवर्तन लाना चाहते हैं।”
भंडारी ने आगे कहा कि राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन की प्रमुख चेहरा बनीं नेहा बोरा ने खुलकर यह स्वीकार किया है कि वह बांग्लादेश के ‘Gen-Z’ आंदोलन से प्रेरित हैं और भारत में वही दोहराना चाहती हैं। इससे साबित होता है कि उनका मकसद राजनीति नहीं, बल्कि भारत के संविधान और लोकतंत्र को नष्ट करना है।
विवाद का पृष्ठभूमि संदर्भ (Background)
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा की जा रही SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर वोटों को हटाया जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रोकने की मांग को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे व अन्य विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था, जिसमें नेहा बोरा भी प्रमुखता से शामिल थीं।बीजेपी का आरोप है कि विपक्ष भारत में वही अस्थिरता पैदा करना चाहता है जो कुछ समय पूर्व बांग्लादेश में देखने को मिली थी।












