खटवानी दुपहिया एजेंसी से वाहन खरीदने वाले हो जाएं सावधान, शोरूम से ही चल रहा फर्जी बीमा व रजिस्टे्रशन बनाने का खेल, ईओडब्लू ने जांच के बाद खटवानी सेल्स के मालिक रोहित खटवानी पर दर्ज किया अपराध

कटनी(YASH BHARAT.COM)। शहर के बरगवां क्षेत्र स्थित खटवानी दुपहिया एजेंसी से कोई दुपहिया वाहन खरीदा है या खरीद रहे हैं तो सावधान हो जाए क्योंकि जबलपुर में किशोर नायडू की दुर्घटना में मौत के बाद खटवानी शोरुम के बीमा कागजात फर्जी पाए गए हैं। ईओडब्लू ने जांच में शोरुम मालिक रोहित खटवानी को दोषी पाया है। अगर आपने शहर के खटवानी सेल्स एंड सर्विसेज से वाहन खरीदा है तो अपना रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस चेक करें। जबलपुर के किशोर नायडू की दुर्घटना में मौत के बाद पता चला कि शोरुम से फर्जी बीमा कागज दिए थे। ईओडब्लू की जांच में शोरुम मालिक रोहित खटवानी दोषी पाया गया है और फरार हैं। गाडिय़ों के शोरूम से वाहन खरीदने के बाद भी फर्जी बीमा और रजिस्ट्रेशन के डॉक्यूमेंट मिल रहे हैं। फर्जीवाड़े की हद यह है कि इंश्योरेंस के पेपर भी फर्जी बनाए जा रहे हैं। यह खुलासा तब हुआ जब एक ग्राहक की सडक़ दुर्घटना में मृत्यु हो गई। उसके परिजनों को पता चला कि शोरुम से मिला बीमा फर्जी था। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार जबलपुर के किशोर नायडू ने 23 अक्टूबर 2019 को खटवानी सेल्स एंड सर्विसेज, राइट टाउन से सुजुकी एक्सिस 125 खरीदी थी। वाहन लेते समय उसे इनवॉइस, बीमा पॉलिसी और रजिस्ट्रेशन शुल्क की रसीद दी गई। परिवार को भरोसा था कि शोरूम से खरीदी गई गाड़ी पूरी तरह वैध कागजों के साथ है लेकिन 30 अक्टूबर 2019 को किशोर नायडू की सडक़ दुर्घटना में मौत हो गई। जब परिजनों ने बीमा क्लेम के लिए दस्तावेज खंगाले तो पता चला कि बीमा दस्तावेज फर्जी थे। जिसके बाद इस मामले की शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ(ईओडब्लू) से की गई। ईओडब्लू की जांच में सामने आया कि वाहन की असली बिक्री 23 अक्टूबर 2019 को हुई थी। किशोर नायडू की मृत्यु के बाद खटवानी मोटर्स ने 4 नवंबर 2019 की फर्जी इनवॉइस तैयार किया। इसी बदली हुई तारीख के आधार पर वाहन का रजिस्ट्रेशन कराया गया। जांच एजेंसी के अनुसार अगर बिक्री की असली तारीख पर रजिस्ट्रेशन और बीमा दर्ज होता तो मृतक के परिवार को पूरा बीमा लाभ मिलता। तारीख बदलकर यह अधिकार छीन लिया गया। यह मामला एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। जिसमें फर्जी बीमा और रजिस्ट्रेशन के जरिए वाहन बेचकर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की गई। आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और नामों के सामने आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
दो बीमा पॉलिसी और बदला हुआ रजिस्ट्रेशन
वहीं ईओडब्लू कि जांच में सामने आया कि एक ही वाहन के लिए दो अलग-अलग इनवॉइस और दो बीमा पॉलिसी तैयार की गईं। रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों में भी जानबूझकर तारीखों में हेराफेरी की गई। जांच में यह साफ हो गया कि यह तकनीकी गलती नहीं बल्कि सुनियोजित धोखाधड़ी है।
शोरूम से ही तैयार हो रहे थे फर्जी दस्तावेज
जांच के दौरान ईओडब्लू ने खटवानी सेल्स एंड सर्विसेज के कंप्यूटरए हार्ड डिस्क और डीएमएस सॉफ्टवेयर की फॉरेंसिक जांच कराई। जांच में एक्सेल और वर्ड फाइलें मिलीं, जिनके जरिए इनवॉइस, बीमा और अन्य दस्तावेजों की तारीखें बदली जाती थीं। ईओडब्लू के अनुसार फर्जी दस्तावेज शोरुम के अंदर तैयार किए जा रहे थे। ग्राहकों को यह नहीं पता चलता था कि उनके वाहन के कागज बाद में बदले जा सकते हैं।
कई ग्राहक हो सकते हैं शिकार
जांच में यह भी सामने आया कि यह मामला केवल एक वाहन तक सीमित नहीं है। अन्य ग्राहकों की गाडिय़ों के दस्तावेजों में भी बीमा और रजिस्ट्रेशन की तारीखों में अंतर पाया गया है। यह आशंका गहराती जा रही है कि शोरुम से खरीदी गई कई गाडिय़ों के कागज फर्जी हो सकते हैं।
चार साल चली जांच के बाद ईओडब्लू ने दर्ज किया अपराध
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल ने थाना ईओडब्लू में अपराध दर्ज किया। मामला धोखाधड़ी, कूटरचना और कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित है। लगभग चार साल की जांच के बाद ईओडब्लू ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
जिला अदालत से खारिज हुई अग्रिम जमानत
एक जानकारी में बताया जाता है कि रोहित खटवानी ने जिला अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। अदालत ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए आवेदन खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि मामला दस्तावेजी चूक का नहीं बल्कि सुनियोजित आर्थिक अपराध का है। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत का आवेदन किया है, जिस पर सुनवाई बाकी है।
एफआइआर दर्ज होने के बाद रोहित खटवानी फरार
ईओडब्लू की जांच में दोषी साबित होने और आरोप पत्र पेश होने के बावजूद रोहित खटवानी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ है। अब रोहित खटवानी फरार है और गिरफ्तारी से बचने के प्रयास कर रहा है।








