जन्मदिन पर विशेष: नरोत्तम मिश्रा जी का जीवन, सेवा और संस्कार का संगम: पद्मेश

जन्मदिन पर विशेष: नरोत्तम मिश्रा जी का जीवन, सेवा और संस्कार का संगम- पद्मेश गौतम

जन्मदिन पर विशेष(पद्मेश गौतम)

कटनी। मध्यप्रदेश ही नहीं, पूरे देश में विलक्षण प्रतिभा के धनी और लाखों लोगों के हृदय सम्राट, मध्यप्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से भला कौन अपरिचित होगा। प्रदेश में शांति और व्यवस्था की मिसाल बन चुके डॉ. मिश्रा की कार्यशैली में जितनी सहृदयता है, उतनी ही कठोरता अनुशासनहीनों और नियम विरुद्ध कार्य करने वालों के प्रति भी है।

 

जनसेवा को अपना धर्म मानने वाले, पीड़ितों, शोषितों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा करने वाले डॉ. नरोत्तम मिश्रा अंत्योदय की कल्पना को साकार करने वाले विरले जनसेवकों में से एक हैं। उनके नेतृत्व में कार्य करना हम कार्यकर्ताओं के लिए गौरव की बात है। आज उनके जन्मदिवस के अवसर पर मन से उठी एक भावना ने मुझे यह श्रद्धांजलि लेख लिखने को प्रेरित किया है—एक ऐसे जनप्रिय नेता के प्रति सम्मान के रूप में।

 

“अपने लिए तो सभी जीते हैं, पर विरले होते हैं जो दूसरों के लिए जीते हैं।”
यह पंक्ति अक्षरशः चरितार्थ होती है डॉ. मिश्रा की जीवन यात्रा पर। सादगी, सहजता और जनभावनाओं को समझने की अद्भुत क्षमता रखने वाले भारतीय जनता पार्टी के यह कर्मठ, परिश्रमी और विनम्र नेता न केवल मध्यप्रदेश में बल्कि देशभर में लोकप्रियता प्राप्त कर चुके हैं।

जनता की पीड़ा को अपनी पीड़ा समझने वाले डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने न केवल शासन में प्रभावी भूमिका निभाई, बल्कि संगठन और सत्ता के बीच सशक्त समन्वय स्थापित करने का कार्य भी बखूबी किया। यही कारण है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे.पी. नड्डा और गृह मंत्री श्री अमित शाह ने उन पर विश्वास जताते हुए उन्हें पश्चिम बंगाल जैसी जटिल राजनीतिक भूमि की ज़िम्मेदारी सौंपी।

बंगाल की धरती पर डॉ. मिश्रा ने जिस सूझबूझ और रणनीति से जनता की नब्ज़ पहचानी और भारतीय जनता पार्टी की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई, वह उनके नेतृत्व की एक और मिसाल है। विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानने वाले डॉ. मिश्रा, कोरोना काल जैसी कठिन घड़ी में भी हर जरूरतमंद तक सहायता पहुंचाने में अग्रणी रहे।

पुलिस विभाग में वर्षों से लंबित मानसेवी प्रमोशन की समस्या को गंभीरता से लेते हुए डॉ. मिश्रा ने छोटे कर्मचारियों के मनोबल को नई ऊंचाई दी। आज प्रदेशभर के पुलिसकर्मी अपने प्रमोशन पर गौरवान्वित हैं। यह एक नहीं, अनेक उदाहरण हैं जो यह सिद्ध करते हैं कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा न केवल कुशल प्रशासक हैं, बल्कि एक संवेदनशील जनसेवक भी हैं, जिनका हृदय हर आमजन की पीड़ा के लिए धड़कता है।

उनका सरल, सहज और भावनाओं से परिपूर्ण स्वभाव हर मिलने वाले को आकर्षित करता है। अजनबी से मिलकर भी कुछ ही पलों में अपनापन महसूस कराना उनके व्यक्तित्व की विशेषता है। यही कारण है कि आज वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि असंख्य लोगों के प्रेरणास्त्रोत बन चुके हैं।

संक्षिप्त परिचय
ग्वालियर में जन्मे डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने राजनीति की शुरुआत छात्र जीवन से की। 1977-78 में वे जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के छात्रसंघ सचिव रहे। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा और भाजपा की विभिन्न इकाइयों में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 1990 में डबरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित होकर उन्होंने जनता की सेवा का जो सफर शुरू किया, वह आज भी समर्पण और निष्ठा से जारी है।

आज, उनके जन्मदिवस पर हम सब उन्हें शुभकामनाएं देते हैं और उनके स्वस्थ, दीर्घायु, सफल राजनीतिक जीवन की कामना करते हैं।

जन्मदिन पर विशेष: नरोत्तम मिश्रा जी का जीवन, सेवा और संस्कार का संगम- पद्मेश गौतम

 

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