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18 सितम्बर को निकलेगा जैन समाज का पाढ़ाना जुलूस

कटनी। दिग.जैन बोर्डिंग हाउस परिसर में प.पू.आर्यिका रत्न श्री 105 भावनामति माता जी ने दशलक्षण महापर्व के 8 वे दिवस पर चर्चा करते हुये बतलाया कि जगत विख्यात प.पू.आचार्य विद्यासागर मुनिराज जी की प्रेरणा से आपने जो दान दिया है। वह आपका दान कुण्डलपुर के जीर्णेद्धार में चमक रहा है बीना बरहा में गगनचुंबी जिनालयों में शोभायमान हो रहा है। और भाग्योदय में रोगियों की सेवा करके आपका दान फल-फूल रहा है। इसी तरह अमरकंटक नेमावर आदि क्षेत्रा में व्यक्ति प्रभु के दर्शन करके सम्यक दर्शन को प्राप्त कर लेता है। यह आप लोगों की दान की महिमा हैं आर्यिका श्री ने आगे कहां कि दान का ही फल है जो कितने भव्य तीर्थ क्षेत्रों का निर्माण हो रहा है। आप सभी गृहस्थ शुभ भाव से दान अवश्य करें उन्होने ने आगे बतलाया कि दान चार प्रकार के होत है। अभयदार,आहारदार,शात्र दान (ज्ञान दान),औषधी दान मनुष्य को इन चारों दानों में यथाशक्ति दान से पुण्य की प्राप्ति होती है। आचार्य श्री 108 समय सागर जी महाराज कहते है कि यह संसार नाटक (रंगमंच) जिसमें बच्चा अपना रोल करता है, पिता अपना रोल करता है और सभी परिजन अपना-अपना रोल अदा करते है। ध्यान रखना रोल खत्म होते ही तुम्हे स्टेज से नीचे उतरना पड़ेगा। आप कही दिखाई नहीं देगे इसी प्रकार ये जिंदगी भी नाटक है। सब अपना-अपना रोल अदा करके एक दिन संसार से चले जाते है। आप अकिंचन धर्म धारण करें तभी आपकी आत्मा शुद्ध आत्मा दशा प्राप्त हो सके तथा सिद्धत्व को प्राप्त कर सकें। दिग.जैन पंचायत के अध्यक्ष संजय जैन एवं मंत्री डॉ. संदीप जैन ने बतलाया कि रात्रि में जैन मिलन द्वारा भू्रण हत्या पर आधारित नृत्य नाटिका का मंचन किया गया तथा जैन नवयुवक मण्डल द्वारा बड़े मंदिर में भजन आर्केस्टा के साथ कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। महावीर कीर्ति स्तंभ 24 घंटें का णमोकार मंत्र का पाठ रखा गया चार्तुमास धर्मप्रभावना समिति के संयोजक शरद सरावगी, सह-संयोजक अरविन्द्र जैन कोयला वालों ने बतलाया कि 18 सितम्बर दिन बुधवार को पाढ़ाना जुलूस निकलेगा।

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