
महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि प्याज की कीमतों में आई भारी गिरावट को रोकने के लिए तुरंत ‘बाजार हस्तक्षेप योजना’ (MIS) लागू की जाए। संघ का कहना है कि इस गिरावट ने किसानों को गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया है और अगर तुरंत कदम नहीं उठाए गए तो पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं।
संघ के अध्यक्ष भरत दिघोले ने बताया कि वर्तमान में प्याज की कीमतें कटाई और ढुलाई के खर्च निकालने के लिए भी पर्याप्त नहीं हैं। कई किसानों को मजबूरी में अपनी प्याज औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है, और कुछ मामलों में प्याज को सड़क पर ही फेंकना पड़ रहा है।
किसान यूनियन ने सरकार से मांग की है कि MIS योजना को जिला और तालुका स्तर तक लागू किया जाए, हर तालुका में सरकारी खरीद केंद्र स्थापित किए जाएं और उत्पादन लागत के आधार पर न्यूनतम खरीद मूल्य निर्धारित किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने ‘मूल्य अंतर भुगतान योजना’ (PDP) को प्रभावी ढंग से लागू करने की भी मांग की है, ताकि किसानों को सीधे आर्थिक सहायता मिल सके।
कुल मिलाकर, महाराष्ट्र में प्याज की गिरती कीमतें किसानों के लिए गंभीर संकट बन गई हैं और सरकार से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।








