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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर बरही में भव्य हिंदू सम्मेलन का हुआ आयोजन

कटनी- बरही नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोज किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रचिंतन, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता के भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिले। नगर के विभिन्न वर्गों की सहभागिता के साथ यह आयोजन लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा।
सम्मेलन में बरही नगर की 12वीं कक्षा की छात्रा बहन रचना साहू ने अपने वक्तव्य में हिंदू राष्ट्र की अवधारणा पर विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उनके आत्मविश्वासपूर्ण और स्पष्ट वक्तव्य को उपस्थित जनसमूह ने सराहा।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सतना विभाग के विभाग सह कार्यवाह एडवोकेट दीपक शुक्ला रहे। अपने संबोधन में उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे केवल एक ऐतिहासिक पड़ाव नहीं, बल्कि समाज के आत्मबोध, संगठन और राष्ट्रनिर्माण से जुड़ा अवसर बताया। उन्होंने सनातन एकता, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया तथा पंच परिवर्तन के पंच तत्वों में से कम से कम एक को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में नगर की मातृशक्ति, युवा वर्ग तथा गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति हजारों की संख्या में रही। आयोजन स्थल पर कॉलेज की छात्रा द्वारा बनाई गई भारत माता की रंगोली विशेष आकर्षण का केंद्र बनी, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।
मातृशक्ति की रामायण मंडली द्वारा मंच से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इसके साथ ही सरस्वती शिशु मंदिर और बरही कॉलेज की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजन समिति की ओर से कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी कार्यकर्ता बंधुओं, समाजसेवियों, व्यवसायी वर्ग, मातृशक्ति, युवा शक्ति, नगर प्रशासन, पुलिस प्रशासन, मीडिया प्रतिनिधियों तथा उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। अंत में समाज में एकता और समरसता के उद्देश्य से सभी ने परंपरागत पंगत में एक साथ बैठकर समरस भोज का आनंद लिया।

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