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कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के उपलक्ष्य में एक महत्वपूर्ण व्याख्यान आयोजित छात्राओं को साइबर सुरक्षा व डिजिटल चुनौती से निपटने दिए टिप्स

कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के उपलक्ष्य में एक महत्वपूर्ण व्याख्यान आयोजित छात्राओं को साइबर सुरक्षा व डिजिटल चुनौती से निपटने दिए टिप्

कटनी -शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के उपलक्ष्य में एक महत्वपूर्ण व्याख्यान आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के तत्वाधान में उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार संपन्न हुआ। मुख्य उद्देश्य छात्राओं को राष्ट्रीय सुरक्षा तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें वर्तमान डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने के लिए सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन में माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं वंदना के साथ हुआ। प्राचार्य डॉ. प्रभात ने अपने उद्बोधन में छात्राओं को राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व और साइबर अपराधों की बढ़ती प्रवृत्ति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के समय में साइबर सुरक्षा व्यक्तिगत तथा राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न अंग बन चुकी है।
मुख्य वक्ता के रूप में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया ने साइबर फ्रॉड से बचाव के व्यावहारिक उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, फेक लिंक, OTP स्कैम, सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के जोखिम तथा मजबूत पासवर्ड उपयोग जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। डॉ. डेहरिया ने बताया कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर हमलों से सबसे प्रभावी बचाव है।
नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया ने स्वयं की सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर बल दिया। उन्होंने छात्राओं को घर से बाहर निकलते समय, सार्वजनिक स्थानों पर तथा यात्रा के दौरान सतर्क रहने के तरीके बताए। उन्होंने आत्मरक्षा के सरल तकनीकों, आपातकालीन नंबरों तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत देने की सलाह दी, जिससे महिलाएं स्वयं को सुरक्षित रख सकें। उप पुलिस अधीक्षक शिवा पाठक ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए साइबर और भौतिक सुरक्षा के बीच संबंध पर जोर दिया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. रोशनी पांडेय का विशेष योगदान रहा। सहसंयोजक शिल्पी कुमारी सिंह तथा प्रकोष्ठ के अन्य सदस्यों के समन्वय और अथक प्रयासों से यह आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापकगण उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. विमला मिंज, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, डॉ. अमिताभ पांडेय, के.जे. सिन्हा, बंदना मिश्रा, सुश्री मिथलेश्वरी, डॉ. अशोक शर्मा, भीम बर्मन, प्रेमलाल कोवरे,  प्रियंका सोनी, स्मृति दहायत, आरती वर्मा, मीनाक्षी वर्मा, डॉ. सोनिया कश्यप, अंजनेय तिवारी, डॉ. पी.सी. कोरी, डॉ. प्रतिमा सिंह, डॉ. सृष्टि श्रीवास्तव, डॉ. अनिल द्विवेदी, डॉ. अशुतोष द्विवेदी, डॉ. रंजना वर्मा, डॉ. श्रद्धा वर्मा, डॉ. मैत्रेयी शुक्ला, डॉ. अपर्णा मिश्रा, डॉ. मदन सिंह मरावी, सुश्री पूजा सिंह राजपूत आदि शामिल थे। बड़ी संख्या में छात्राओं ने भी सक्रिय भागीदारी की और व्याख्यान से प्राप्त ज्ञान को आत्मसात किया।
यह कार्यक्रम न केवल छात्राओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों को आधुनिक संदर्भ में जोड़कर राष्ट्रीय एकता एवं सुरक्षा को मजबूत करने का संदेश भी दिया।

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