Monday, April 6, 2026
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NIA Raids in Jammu Kashmir: एनआइए ने जम्मू व कश्मीर में 14 ठिकानों पर मारे छापे

जम्मू। राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआइए की टीमों ने जम्मू-कश्मीर में करीब 14 जगहों पर एक साथ छापे मारे की है। दलबल के साथ कश्मीर के शोपियां, अनंतनाग, बनिहाल, जम्मू के सुंजवां आदि इलाकों में पहुंची टीम ने घरों, कार्यालयों आदि में जांच शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि यह छापेमारी दो मामलों में की गई है। जम्मू में गत 27 जून को जो सुरक्षाबलों ने पांच किलो आइईडी बरामद की थी और कुुंजवानी इलाके से लश्कर-ए-मुस्तफा के शीर्ष आतंकी हिदायतुल्ला मलिक को गिरफ्तार किया था, उसी सिलसिले में यह जांच चल रही है।

अभी तक इससे अधिक जानकारी नहीं मिल पाई है। सूत्रों का कहना है कि एनआइए की इतने बड़े स्तर पर की जा रही छापेमारी को देख ऐसा लगता है कि इन दोनों मामलों में उन्हें काफी महत्वपूर्ण जानकारी व सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर अचानक से यह छापे मारे गए हैं। एनआइए ने फिलहाल इस संबंध में कोई जानकारी देने से इंकार किया है। उनका कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस बारे में वह बता पाएंगे।

आपको जानकारी हो कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 27 जून को सुंजवान के नरवाल के पास से एक आतंकी को हथियार, गोला-बारूद और पांच किलो आईईडी के साथ गिरफ्तार किया था। सुरक्षाबलों की सतर्कता के कारण समय पर की गई इस गिरफ्तारी से जम्मू शहर में एक बड़ा आतंकी साजिश टल गया।

इस बीच, एनआइए की टीमों ने 22 जुलाई को जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए हाल ही में बने लश्कर-ए-मुस्तफा (एलईएम) के दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। इनमें एक आतंकी मोहम्मद अरमान अली 20 उर्फ ​​अरमान मंसूरी बिहार के देपबहुआरा, मढौरा, जिला सारन का रहने वाला था जबकि दूसरा 23 वर्षीय मोहम्मद एहसानुल्लाह उर्फ ​​गुड्डू अंसारी, देपबहुआरा, मढौरा, जिला सारन बिहार का रहने वाला था। आपको बता दें कि जम्मू में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के इरादे से ही लश्कर-ए-मुस्तफा का गठन किया गया जो कि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का ही अंश है। जांच से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी हथियार व गोलाबारूद की दो अलग-अलग खेप जोकि बिहार से मोहाली और अंबाला तक लाई गई थी, में शामिल थे।

आज एनआइए की टीम द्वारा जम्मू व श्रीनगर के विभिन्न इलाकों में मारे गए छापे इन्हीं दोनों मामलो की जांच का हिस्सा हैं।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम