खबर विशेष -कटनी में लाखों करोड़ों के सोने पर पड़ रहा है डाका ?,सोना माफिया के अवैध उत्खनन के आगे पूरा जिला प्रशासन नतमस्तक !

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खबर विशेष -कटनी में लाखों करोड़ों के सोने पर पड़ रहा है डाका ?,सोना माफिया के अवैध उत्खनन के आगे पूरा जिला प्रशासन नतमस्तक !

कटनी(YASHBHARAT.COM)। मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कटनी जिले को रत्नगर्भा की संज्ञा ऐसे ही नहीं दिया करते थे उन्होंने कई बार अपने जिला दौरे के दौरान कटनी को हर तरह के बहुमूल्य खनिजों की उपलब्धिता कराने वाला बताया था पर कटनी के सोना माफिया के आगे प्रशासन पंगु होकर चुपचाप बैठा हुआ है। जहां रोज बड़वारा विधानसभा के सुंदरपुर में सोने के अवैध उत्खनन से हजारों लोग सोना निकाल कर बेच रहे है या कहें सुंदरपुर के जंगल में सोना के कणो को लूटने का मेला लगता है। जिसमें दिनभर हजारों लोग पहाड़ को मनमाने ढंग से खंदक के रूप में खोदते है, सोना युक्त मिट्टी को निकाल कर प्राकृति नाले और सरकारी डैम पर लाकर मिट्टी को पानी से धोकर सोने के कणों को निकालते हैं। इस सोना निकालने पूरी प्रक्रिया को ग्राउंड जीरो पर जाकर YashBharat.Com की टीम ने कवर किया। जिले में कहां क्या हो रहा है कि खबर सूंघ लेने वाला जिला प्रशासन, खनिज विभाग, पुलिस विभाग गहरी नीद में सो रहा है क्योंकि जंगली क्षेत्र होने से कौन प्रशासनिक अधिकारी जाएगा वहां । प्रशासन से लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सिर्फ़ जिले के इमलिया में खुलने वाली सोने की खदान को लेकर अपनी पीठ थपथपाते रहते है पर इस तरह अवैध खनन गतिविधियों से रोज सोना माफिया गरीबों को आगे करते हुए सोना निकलवा रहा है। इन गतिविधियों पर किसी का कोई गौर नहीं है।

बरसात से शुरू हुआ सोना निकालने के अवैध खेल में प्राकृतिक पानी के नाले पर इतनी मिट्टी धोने के लिए लाई जा रही है कि कई जगह लगभग बीस फिट चौड़ा और दस फिट गहरा नाला पुर गया है । इस दौरान yashbharat.com की टीम ने सोना निकाल रहे लोगों से जानना चाहा कि उनको रोज कितना पैसा मिल जाता है तो लोगों ने बताया कि किसी को 5 से 10 हजार और किसी को 500 रुपये तक का मेहनताना निकल आता है। इन सोने के बारीक कण इक्ट्ठा करके , सुन्दरपुर के जिस क्षेत्र में सोना निकालने का काम चालू है उससे कुछ दूरी पर सैकड़ों मोटर साइकिल खड़ी मिलेगी जिनपर दूर दूर से लोग सोना निकालने पहुंचते हैं। यहां यह बता दें इस सोने को निकालने और उन्हें ही बेचने के लिए प्रेरित करने वाला पूरा गिरोह इस क्षेत्र में सक्रिय है ।

 

तीस साल पहले भी प्रसिद्ध हुआ था सुंदरपुर का सोना

 

उल्लेखनीय है कि लगभग पच्चीस से तीस साल पहले सुंदरपुर में सोना मिलने और उसकी बेतरतीब लूट की खबरें अखबारों की सुर्खियां बटोरती थी। उस समय भी हजारों लोग सोना निकालने में लगाए गए थे और खनन माफिया ने सोना लूटने के लिए बहुत काम किया था लोग बताते है तब तो जिले के बाहर तक के लोग मशीनें लगा कर पहाड़ की मिट्टी को लें जाते थे और किसी अन्य जगह पर मिट्टी की धुलाई कर सोना निकालते थे। जब इस सब की खबरें अखबारों की सुर्खियां बनी तब जाकर प्रशासन ने सोने की लूट को रोकने के लिए उस पूरे क्षेत्र की तार बाउंड्री कराई थी। माइनिंग विभाग और पुलिस के साथ ही वन विभाग की टीम तैनात हुई थी पर समय के साथ हर विभाग अपने दूसरे काम पर लग गया और प्रशासनिक निष्क्रियता का फायदा उठाते हुए पिछले दो सालों से पानी की प्रचुर उपलब्धता होते ही सोना माफिया गरीबों की आड़ में फिर सक्रिय हो गया है। अब ये देखना है कि जब सोने के मूल्य आसमान छू रहा है तो बहुमूल्य सोने की लूट कब तक चलती है ।