Tata Group के नए वेंचर्स FY26 में 29,000 करोड़ का भारी नुकसान: Air India और Tata Digital मुख्य कारण
Tata Group के नए वेंचर्स FY26 में 29,000 करोड़ का भारी नुकसान: Air India और Tata Digital मुख्य कारण। टाटा संस के तहत शुरू किए गए कई नए कारोबारों ने वित्त वर्ष 2025‑26 (FY26) में कंपनी के लिए भारी नुकसान दर्ज किया है। रिपोर्टों के अनुसार इन व्यवसायों के कारण समूह को करीब ₹29,000 करोड़ तक का नुकसान होने का अनुमान है, जो पहले के अनुमान ₹5,700 करोड़ से कहीं अधिक है।
Tata Group के नए वेंचर्स FY26 में 29,000 करोड़ का भारी नुकसान: Air India और Tata Digital मुख्य कारण
नुकसान बढ़ा, प्रगति धीमी
FY26 के पहले नौ महीनों में ही ₹21,700 करोड़ का नुकसान हो चुका है, जबकि FY25 में पूरे वर्ष के लिए यह आंकड़ा ₹16,550 करोड़ था। इस तेजी से बढ़ते घाटे का मुख्य कारण समूह के नए वेंचर जैसे एयर इंडिया, टाटा डिजिटल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और तेजस नेटवर्क्स हैं, जिनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा।
एयर इंडिया का नुकसान सबसे बड़ा
एयर इंडिया इस नुकसान का सबसे बड़ा स्रोत बनी हुई है। FY26 में एयरलाइन को लगभग ₹20,000 करोड़ तक का नुकसान होने का अनुमान है, जो पिछले अनुमान ₹2,000 करोड़ के करीब दस गुना अधिक है। पहले नौ महीनों में ही एयर इंडिया का घाटा ₹15,000 करोड़ से ऊपर पहुंच चुका है।
टाटा डिजिटल का प्रदर्शन निराशाजनक
2019 में शुरू किए गए डिजिटल प्लेटफॉर्म — जिसमें BigBasket, Tata 1mg, Croma, Tata CLiQ और Tata Neu शामिल हैं — अभी तक लाभ में नहीं आ पाए हैं। समूह ने इस क्षेत्र में लगभग ₹24,000 करोड़ से अधिक निवेश किया है, लेकिन इसके बावजूद FY26 में ₹5,000 करोड़ से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है।विश्लेषकों का कहना है कि नेतृत्व में लगातार बदलाव, प्रोडक्ट इनोवेशन में धीमी प्रगति और मुख्य रूप से लॉयल्टी प्रोग्राम पर अधिक निर्भरता ने टाटा डिजिटल के प्रदर्शन को प्रभावित किया है।
प्रबंधन पर दबाव
बोर्ड मीटिंग में समूह के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन का तीसरा कार्यकाल बढ़ाने का फैसला टाल दिया गया, और अब जून तक **एक मजबूत पुनर्प्राप्ति योजना पेश करने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी रणनीतियों में बदलाव और लागत नियंत्रण पर ध्यान देना जरूरी होगा, ताकि खोई हुई वृद्धि वापस लाई जा सके।

