IPO का नया मोड़: टाटा संस के पब्लिक लिस्टिंग की संभावना बढ़ी
मुंबई, 9 अप्रैल 2026: IPO का नया मोड़: टाटा संस के पब्लिक लिस्टिंग की संभावना बढ़ी,भारत के सबसे बड़े बिजनेस समूहों में से एक टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के पब्लिक लिस्टिंग (IPO) को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। लंबे समय से चर्चा में रहे इस IPO को अब एक नया मोड़ मिल सकता है।
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IPO का नया मोड़: टाटा संस के पब्लिक लिस्टिंग की संभावना बढ़ी
वेणु श्रीनिवासन का बयान
टाटा ट्रस्ट्स के वरिष्ठ ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन ने पहली बार खुले तौर पर IPO के पक्ष में बात की।उनका कहना है कि अगर RBI टाटा संस को अपर लेयर NBFC के रूप में वर्गीकृत करता है, तो कंपनी के लिए लिस्टिंग लगभग जरूरी हो जाएगी।यह बयान IPO की दिशा में स्ट्रॉन्ग संकेत माना जा रहा है।
SP ग्रुप की भूमिका
शापूरजी पलोनजी (SP) ग्रुप के पास टाटा संस में करीब 18% हिस्सेदारी है।यह ग्रुप लंबे समय से अपने निवेश को कैश में बदलने का रास्ता तलाश रहा है।IPO आने पर SP ग्रुप को अपनी हिस्सेदारी बेचकर कर्ज कम करने का मौका मिलेगा।
लिस्टिंग के फायदे
IPO के जरिए नई पूंजी जुटाई जा सकती है, जिससे कंपनी अपने बिजनेस को तेजी से बढ़ा सकेगी।शेयर बाजार में आने से पारदर्शिता बढ़ेगी और कंपनी का सही वैल्यू सामने आएगा।जुलाई 2025 में टाटा ट्रस्ट्स ने कंपनी को अनलिस्टेड रखने का फैसला किया था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं।
ग्रुप के अंदर मतभेद
टाटा ट्रस्ट्स के अंदर दो रायें सामने हैं:लिस्टिंग से सभी शेयरधारकों को फायदा होगा और कंपनी को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।कंपनी को प्राइवेट ही रखा जाए ताकि ग्रुप का नियंत्रण और विरासत बनी रहे।अब सबकी नजर RBI के फैसले पर है। नियमों की समीक्षा चल रही है और जल्द ही नया सर्कुलर आ सकता है।टाटा संस IPO की राह अब RBI के वर्गीकरण पर निर्भर है। वेणु श्रीनिवासन का समर्थन और SP ग्रुप की मांग IPO की संभावना को और मजबूत बनाती है।

