नवरात्रि 2026: बाल-नाखून काटने से लेकर भोजन तक, जानें नवरात्रि के दौरान वर्जित 4 बड़े काम
नई दिल्ली: देशभर में मां दुर्गा की उपासना का पावन पर्व शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026 से बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ प्रारंभ हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में माता रानी के नवदुर्गा रूपों का विशेष श्रृंगार व पूजन किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन पवित्र दिनों में संयम, अनुशासन और सात्विकता का पालन करना अनिवार्य माना गया है।
यदि आप घर में कलश स्थापना कर रहे हैं या उपवास रख रहे हैं, तो कुछ गलतियों से बचना बेहद आवश्यक है, ताकि पूजा का पूरा शुभ फल प्राप्त हो सके:
1. बाल, दाढ़ी और नाखून काटने की सख्त मनाही
शास्त्रों और लोक परंपराओं के अनुसार, नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान बाल कटवाना, दाढ़ी बनाना और नाखून काटना वर्जित माना जाता है।
कारण: माना जाता है कि ये अंग मृत कोशिकाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं और इन्हें काटने से शरीर के भीतर ऊर्जा के प्रवाह पर असर पड़ता है। इसलिए यह कार्य नवरात्रि शुरू होने से पहले या इसके समाप्त होने के बाद ही कराना चाहिए।
2. तामसिक आहार से पूरी तरह दूरी
नवरात्रि के दौरान घर के वातावरण को पवित्र और सात्विक बनाए रखना जरूरी होता है:
वर्जित भोजन: मांस, मदिरा, मछली, अंडे के साथ-साथ लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन का सेवन पूरी तरह से वर्जित है।
प्रभाव: तामसिक भोजन मन में चंचलता और नकारात्मक विचार पैदा करता है। विशेषकर अखंड ज्योति स्थापित करने वाले और व्रत रखने वाले साधकों को केवल सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।
3. संयम, अनुशासन और वाणी पर नियंत्रण
नवरात्रि केवल शारीरिक शुद्धता ही नहीं, बल्कि मानसिक और आत्मिक अनुशासन का भी पर्व है:
क्रोध और क्लेश से बचें: इन नौ दिनों में घर में किसी भी प्रकार का कलह या क्लेश न करें।
कटु वचनों का त्याग: किसी का अपमान न करें और न ही किसी को कटु शब्द कहें। मन में सात्विक विचार और दया भाव बनाए रखें।
सुख-समृद्धि के लिए नियम
धर्म आचार्यों का मानना है कि जो श्रद्धालु निष्ठापूर्वक इन नियमों का पालन करते हैं, उनके घर में माता रानी की कृपा से सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।






















