MPMP Cabinet Decision 2026: धार की भोजशाला में बनेगा भव्य ‘सरस्वती लोक-48 लाख ग्रामीणों को फ्री रजिस्ट्री का तोहफा; बंद होगी स्कूल यूनिफॉर्म की DBT व्यवस्था
MPMP Cabinet Decision 2026: धार की भोजशाला में बनेगा भव्य 'सरस्वती लोक-48 लाख ग्रामीणों को फ्री रजिस्ट्री का तोहफा; बंद होगी स्कूल यूनिफॉर्म की DBT व्यवस्था

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल (Cabinet) की बैठक में मध्य प्रदेश की जनता के हित में कई ऐतिहासिक और क्रांतिकारी नीतिगत फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, धार्मिक पर्यटन, चिकित्सा और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए करोड़ों रुपये के बजट को मंजूरी दी है। इस बैठक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक फैसला धार की ऐतिहासिक भोजशाला में ‘सरस्वती लोक’ बनाने और प्रदेश के 48 लाख से अधिक ग्रामीणों को मुफ्त सरकारी रजिस्ट्री देने का रहा है।
MPMP Cabinet Decision 2026: धार की भोजशाला में बनेगा भव्य ‘सरस्वती लोक-48 लाख ग्रामीणों को फ्री रजिस्ट्री का तोहफा; बंद होगी स्कूल यूनिफॉर्म की DBT व्यवस्था
धार की भोजशाला में बनेगा ‘सरस्वती लोक’, शुरू होगा ‘गोरस ऐप’
धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने की कड़ी में मोहन सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है:
- सरस्वती लोक का निर्माण: धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में अब भव्य ‘सरस्वती लोक’ का निर्माण किया जाएगा, जिससे इस ऐतिहासिक स्थल को एक नई सांस्कृतिक पहचान मिलेगी।
- गोरस ऐप (Gorasa App): इसके साथ ही पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ‘गोरस ऐप’ की शुरुआत करने जा रही है।
- जल गंगा संवर्धन: जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रदेश में 2 लाख से अधिक जल संरचनाओं पर काम पूरा हुआ है, जिसके लिए सरकार ने ₹6,500 करोड़ की भारी-कम राशि जारी की है।
48 लाख ग्रामीणों को बड़ी राहत; ₹3,800 करोड़ का भार खुद उठाएगी सरकार
केंद्र सरकार की ‘स्वामित्व योजना’ के तहत मध्य प्रदेश के ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सरकार ने देश का सबसे पहला और अनूठा फैसला लिया है:
- लोन की समस्या होगी खत्म: अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास आबादी भूमि का पट्टा या अधिकृत विधिक दस्तावेज (रजिस्टर्ड डीड) नहीं होता था। एमपी में 48 लाख 32 हजार स्वामित्व प्रमाण पत्र तो तैयार हुए थे, लेकिन पंजीकृत दस्तावेज न होने के कारण बैंक इन्हें मान्यता नहीं दे रहे थे और ग्रामीणों को लोन (ऋण) मिलने में भारी दिक्कत आ रही थी।
- फ्री रजिस्ट्री करने वाला पहला राज्य: सरकार ने तय किया है कि इन सभी साढ़े 48 लाख लोगों को सरकार खुद अपने खर्च पर रजिस्टर्ड दस्तावेज (रजिस्ट्री) करके देगी। इसका ₹1 का भी भार जनता पर नहीं आएगा। पंजीयन शुल्क, पंचायत उपकर आदि का पूरा ₹3,800 करोड़ का खर्च राज्य का राजस्व विभाग खुद वहन करेगा। ऐसा करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।
स्कूली बच्चों की ड्रेस के लिए बंद होगी DBT, अब सरकार सिलवा कर देगी कपड़े
कक्षा 1 से 8वीं तक के स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म को लेकर भी सरकार ने एक बहुत व्यावहारिक और बड़ा फैसला लिया है:
- खत्म होगी डीबीटी व्यवस्था: पहले बच्चों को दो जोड़ी स्कूल ड्रेस के लिए ₹600 सीधे बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) दिए जा रहे थे। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में उस स्तर का कपड़ा न मिलने और सिलाई की बराबर व्यवस्था न होने से अव्यवस्था बढ़ रही थी और बच्चे सही यूनिफॉर्म नहीं पहन पा रहे थे।
- कपड़ा उद्योगों को प्राथमिकता: अब सरकार खुद बच्चों को तैयार (Ready-made) यूनिफॉर्म सिलवा कर देगी। इसके लिए बड़े स्तर पर टेंडर जारी किए जाएंगे और इन टेंडर्स में मध्य प्रदेश के स्थानीय वस्त्र उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
चिकित्सा और बुनियादी ढांचे के लिए खुले सरकारी खजाने
- मेडिकल कॉलेजों को ₹14,000 करोड़: प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से जुड़ी तीन प्रमुख योजनाओं को आगामी 5 वर्षों के लिए निरंतर रखने की मंजूरी दी गई है। इनसे संबद्ध अस्पतालों के लिए ₹14,000 करोड़ का भारी बजट स्वीकृत किया गया है।
- इंदौर जिला न्यायालय भवन: इंदौर में बन रहे अत्याधुनिक जिला न्यायालय भवन की पुनरीक्षित लागत को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। पहले इसकी लागत ₹430 करोड़ थी, जिसे बढ़ाकर अब ₹626 करोड़ कर दिया गया है।
- पीएम सूर्य घर योजना: ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धि बताते हुए कहा गया कि मध्य प्रदेश में अब तक 40 लाख घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप पैनल सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं।








