Thursday, May 14, 2026
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MP Weather Update जाते जाते बरस सकता है मानसून, शनिवार को इन जिलों में वर्षा संभव

MP Weather News: मध्यप्रदेश में अभी भी छिटपुट वर्षा होने का सिलसिला बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वर्तमान में मध्य महाराष्ट्र पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस मौसम प्रणाली के असर से अरब सागर से नमी आ रही है। इस वजह से इंदौर, शहडोल, जबलपुर संभाग के जिलों में वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। इसी क्रम गुरुवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक सीधी में 23, धार में 16, रतलाम में 12, सिवनी में छह मिलीमीटर वर्षा हुई। गुना में बूंदाबांदी हुई।

शनिवार से इन शहरों में हो सकती है बारिश

बंगाल की खाड़ी में म्यांमार के पास एक चक्रवात बन गया है। इसके शुक्रवार को कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होकर आगे बढ़ने की संभावना है। इस वजह से शनिवार से जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में रुक-रुककर वर्षा होने का सिलसिला शुरू हो सकता है। रविवार को रीवा, सागर संभाग में भी बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी एसएन साहू ने बताया कि वर्तमान में उत्तर-मध्य महाराष्ट्र पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इसकी वजह से अरब सागर से कुछ नमी मिलने लगी है। इससे इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं-कहीं बौछारें पड़ रही हैं।

इस सीजन  कहां कितनी हुई बारिश

इस सीजन में एक जून से लेकर गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 942.1 मिमी. वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य वर्षा 945.2 मिमी. की तुलना के समकक्ष है। उधर, पूर्वी मप्र में अभी तक 992.5 मिमी. वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षा 1038.4 मिमी. के मुकाबले चार प्रतिशत कम है। पश्चिमी मप्र में अभी तक 903.2 मिमी. वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षा 873.6 मिमी. की तुलना में तीन प्रतिशत अधिक है। हालांकि, अभी भी प्रदेश के छह जिले गुना, अशोकनगर, दमोह, सतना, रीवा एवं सीधी में सामान्य से 24 से लेकर 38 प्रतिशत तक कम वर्षा हुई है।

जानकारों के अनुसार म्यांमार पर बने चक्रवात का असर पूर्वी मध्य प्रदेश पर अधिक होने की संभावना है। इसके प्रभाव से एक अक्टूबर से जबलपुर, शहडोल, रीवा संभाग के जिलों में रुक-रुककर वर्षा का सिलसिला शुरू हो सकता है। छह जिले अब भी हैं प्यासे बता दें कि प्रदेश में सितंबर का सामान्य वर्षा का अभी तक का कोटा पूरा हो गया है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम