MP Sidhi Fire Tragedy: एमपी के सीधी में काल बनी शॉर्ट सर्किट की चिंगारी; खपरैल मकान में जिंदा जले एक ही परिवार के 3 मासूम बच्चे, गांव में पसरा मातम
MP Sidhi Fire Tragedy: एमपी के सीधी में काल बनी शॉर्ट सर्किट की चिंगारी; खपरैल मकान में जिंदा जले एक ही परिवार के 3 मासूम बच्चे, गांव में पसरा मातम
सीधी (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला और हृदयविदारक हादसा सामने आया है, जिसे सुनकर पूरा प्रदेश स्तब्ध है। जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कसिहवा में गुरुवार दोपहर को अचानक लगी भीषण आग की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। पलक झपकते ही हंसते-खेलते परिवार की खुशियां खाक में मिल गईं। इस रूह कंपा देने वाली घटना के बाद से पूरे कसिहवा गांव में चूल्हे तक नहीं जले हैं और हर आंख नम है।
शॉर्ट सर्किट की एक चिंगारी और सब कुछ स्वाहा
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह भयानक हादसा बिजली विभाग की लापरवाही और शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ:
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खपरैल मकान पर गिरी चिंगारी: गांव के रहने वाले रामरतन साकेत का एक साधारण सा खपरैल (मिट्टी की टाइल्स वाला) मकान है। उनके घर के बिल्कुल पास से गुजरे बिजली के पोल में गुरुवार दोपहर अचानक तेज शॉर्ट सर्किट हुआ।
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हवा और गर्मी ने भड़काई आग: बिजली के तारों से निकली आग की भयंकर चिंगारियां नीचे पड़ी सूखी घास और झाड़ियों पर जा गिरीं। नौतपा की इस भयंकर गर्मी और तेज चल रही हवाओं के कारण आग ने चंद सेकंडों में ही विकराल रूप ले लिया और पूरे मकान को अपनी आगोश में ले लिया।
मां राशन लेने गई थी, पिता मजदूरी पर; घर में कैद रह गए तीन काल के गाल में समाए मासूम
हादसे के वक्त जो परिस्थितियां थीं, वे और भी ज्यादा भावुक करने वाली हैं। घटना के समय बच्चों के माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे:
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किस्मत का क्रूर खेल: बच्चों के पिता रामरतन साकेत रोज की तरह सुबह ही मजदूरी करने बाहर गए हुए थे, जबकि मां बच्चों को घर में छोड़कर राशन लेने के लिए पास की एक दुकान पर गई थी।
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निकलने का मौका तक नहीं मिला: घर के अंदर दो बेटियां और एक बेटा अकेले थे। आग इतनी तेजी से फैली कि चारों तरफ से घिरे होने के कारण मासूमों को बाहर निकलने का कोई रास्ता या मौका ही नहीं मिल सका। दो बच्चों ने घर के भीतर ही दम तोड़ दिया, जबकि तीसरे बच्चे को चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने झुलसी हालत में बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
गांव में मची अफरा-तफरी, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
आग की ऊंची लपटें और बच्चों की चीखें सुनकर पूरे गांव में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत अपने स्तर पर कुएं और नलों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश शुरू की, लेकिन सूखी घास और लकड़ी के ढांचे के कारण आग बेकाबू हो चुकी थी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और जमोड़ी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था। MP Sidhi Fire Tragedy: एमपी के सीधी में काल बनी शॉर्ट सर्किट की चिंगारी; खपरैल मकान में जिंदा जले एक ही परिवार के 3 मासूम बच्चे, गांव में पसरा मातम
प्रशासनिक अमला पहुंचा, सहायता का भरोसा; बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलते ही जिले के आला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी (राजस्व अमला) तुरंत कसिहवा गांव पहुंचे। अधिकारियों ने रोते-बिलखते माता-पिता को ढांढस बंधाया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। प्रशासन ने पूरे मामले की बारीकी से जांच कराने के आदेश दिए हैं कि क्या बिजली कंपनी द्वारा तारों के रख-रखाव में कोई लापरवाही बरती गई थी? साथ ही पीड़ित साकेत परिवार को शासन के नियमों के तहत तत्काल तात्कालिक आर्थिक सहायता और मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से हरसंभव मदद दिलाने की बात कही गई है। इस दर्दनाक हादसे ने भीषण गर्मी के इस दौर में ग्रामीण इलाकों की जर्जर बिजली व्यवस्था, लटकते तारों और फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजामों पर एक बार फिर बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

