माता सती ने पुनर्जन्म लेकर भगवान शिव से किया विवाह, मंगल गीतों से गूंजा पंडाल,रीठी में चल रही श्रीराम कथा में बुधवार को हुआ सती और शिव विवाह का प्रसंग
माता सती ने पुनर्जन्म लेकर भगवान शिव से किया विवाह, मंगल गीतों से गूंजा पंडाल,रीठी में चल रही श्रीराम कथा में बुधवार को हुआ सती और शिव विवाह का प्रसं
कटनी-रीठी नगर में चल रहे विशाल 22 वें धार्मिक आयोजन में बुधवार को संगीतमय श्रीराम कथा के तीसरे दिवस श्रोताओं को शिव पार्वती विवाह की कथा सुनाई गई। कथा व्यास महंत सीताराम शरण जी महाराज द्वारा शिव पार्वती विवाह की कथा का सुंदर वर्णन किया गया। इससे पूर्व उन्होंने सती चरित्र, राजा दक्ष की कथा, सती का पार्वती अवतार, शिव प्राप्ति के लिए सती की तपस्या आदि प्रसंग सुनाए। शिव पार्वती की कथा का वर्णन करते हुए कथावाचक महंत सीताराम शरण जी महाराज ने बताया कि पूर्व जन्म में भी पार्वती ने शिवजी को प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी इसलिए अगले जन्म में भी शिव पार्वती का विवाह हुआ और दोनों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाई। भगवान शंकर दूल्हा बनकर दक्ष राजा के यहां भूत प्रेतों की बारात लेकर पहुंचे व सभी महिलाओं ने मंगल गीत गाए और विवाह की खुशियां मनाई गई। कार्यक्रम संयोजक विपिन तिवारी ने बताया कि आज गुरूवार को कथा स्थल में भगवान श्रीराम का जन्म बड़े ही धूमधाम व श्रद्धा भक्ति के मनाया जाएगा। इस अवसर पर संतोष राय पूर्व मंडी अध्यक्ष, जगदीश प्रसाद अग्रवाल, जय कुमार जैन, रघुवीर साहू, अजय मेहरा, शमशेर सिंह, देवी सिंह, हीरा श्रीवास्तव, जौहरी प्रसाद श्रीवास, भगवान दास साहू, दुलारे शिक्षक, विनोद सेन पेंटर, ऋषभ पाल, शंभु बर्मन, कैशव बर्मन, रमेश रजक, लल्लू बर्मन, मुंडा महाराज, पवन दुबे, संतोष श्रीवास ,किशन मिश्रा, कमलेश नामदेव दुखी पटेल कोदू लाल पटेल सहित अनेक श्रोता उपस्थित रहे।








