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लड़की और महिलाओं का अधिकतर वेजिना इन्फेक्शन और वेजाइनल ड्राइनेस से गुजरना पड़ता है तो जाने इसके उपाय

लड़की और महिलाओं का अधिकतर वेजिना इन्फेक्शन और वेजाइनल ड्राइनेस से गुजरना पड़ता है तो जाने इसके उपाय

वेजाइना हमारे शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक है और इसकी हेल्थ अगर सही न हो तो कई सारी समस्याएं हो सकती हैं। वेजाइनल हेल्थ आपके शरीर की पूरी हेल्थ के लिए जरूरी होती है और वेजाइनल इशूज के कारण सेक्शुअल डिजायर, फर्टिलिटी, ऑर्गेज्म पर असर पड़ता है और यूटीआई, कमजोरी, सिस्ट आदि कई समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए ये जरूरी है कि आप अपनी वेजाइनल हेल्थ का ख्याल बहुत अच्छे से रखें।

वेजाइनल हेल्थ बनाए रखने के लिए न सिर्फ अच्छी हाइजीन जरूरी है बल्कि ये भी बहुत जरूरी है कि आप अपनी डाइट में सही फूड्स शामिल करें। अगर आपकी डाइट परफेक्ट नहीं होगी तो इसका असर भी वेजाइना पर दिखेगा।

लड़की और महिलाओं का अधिकतर वेजिना इन्फेक्शन और वेजाइनल ड्राइनेस से गुजरना पड़ता है तो जाने इसके उपाय

आईवीएफ में डिपार्टमेंट ऑफ इनफर्टिलिटी और आईवीएफ की डायरेक्टर डॉक्टर निशी सिंह से बात की। डॉक्टर निशी ने बताया कि वेजाइना खुद को प्रोटेक्ट करने में परफेक्ट होती है, लेकिन अच्छी हाइजीन के साथ सेल्फ केयर भी बहुत जरूरी है। वेजाइना का पीएच बैलेंस बनाए रखने के लिए फूड भी काफी असर करता है और गुड बैक्टीरिया बढ़े इसके लिए कई तरह से फूड्स आपके काम में आ सकते हैं।

तो कौन से फूड्स आपकी वेजाइनल हेल्थ को प्रमोट करने के लिए अच्छे हैं? इसकी लिस्ट डॉक्टर निशी ने हमें बताई है।

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प्रोबायोटिक्स

प्रोबायोटिक्स एक ब्लेसिंग की तरह होते हैं जो आपकी समस्या को काफी कम कर सकते हैं। ये न सिर्फ आंतों को बेहतर बनाते हैं बल्कि ये आपकी वेजाइनल हेल्थ के लिए भी अच्छे होते हैं। वेजाइनल पीएच लेवल को बेहतर करने के लिए और शरीर में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने के लिए प्रोबायोटिक्स काफी मददगार साबित होंगे। ये वेजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन को रोक भी सकते हैं। प्रोबायोटिक्स और फर्मेंटेड फूड्स वैजिनाइटिस जैसी समस्या से भी बचा सकते हैं। ये डाइजेस्टिव और इम्यूनिटी सिस्टम की हेल्थ को सही रखने में मदद करते हैं।

लड़की और महिलाओं का अधिकतर वेजिना इन्फेक्शन और वेजाइनल ड्राइनेस से गुजरना पड़ता है तो जाने इसके उपाय

क्रैनबेरीज

100 प्रतिशत क्रैनबेरी जूस या फिर क्रैनबेरी खाना दोनों ही आपके लिए अच्छा साबित हो सकता है। अगर किसी को यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन की समस्या होती है तो अपनी डाइट में क्रेनबेरी शामिल करिए। हालांकि, अगर आप जूस ट्राई करती हैं तो सिर्फ क्रेनबेरी जूस ही पिएं, बाजार में मिलने वाला शुगर और प्रिजर्वेटिव्स वाला जूस सही नहीं होगा। क्रैनबेरी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं और इसमें इन्फेक्शन से लड़ने की क्षमता पैदा करने वाला एसिडिक कम्पाउंड होता है। ये कम्पाउंड उस बैक्टीरिया से लड़ने में सक्षम होता है जो ब्लैडर की दीवार पर मौजूद होता है। ये विटामिन-सी से भरपूर होती हैं और इनमें इम्यूनिटी को बूस्ट करने की क्षमता होती है।

प्लांट फैटी एसिड्स

ओमेगा-3 फैटी एसिड आपकी डाइट में होना चाहिए जो न सिर्फ ब्लड सर्कुलेशन और ब्लड फ्लो को बेहतर करता है बल्कि ये आपकी सेक्स ड्राइव को बेहतर कर सकता है। ये प्लांट बेस्ड होना चाहिए और जो अनसैचुरेटेड फैट्स आप अपनी डाइट में शामिल करते हैं उससे वेजाइनल ड्राइनेस कम हो सकती है और पोस्ट मेनोपॉज महिलाओं के लिए भी ये अच्छा होता है। मेंस्ट्रुअल क्रैम्प्स की समस्या अगर आपको होती है तो एनिमल बेस्ड फैटी एसिड्स जैसे सैल्मन, अंडे आदि खाए जा सकते हैं। इसके अलावा, अलसी के बीज, अखरोट आदि मददगार साबित हो सकते हैं।

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