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सेवानिवृत्त पुलिस निरीक्षक के साथ बदसलूकी और अवैध वसूली का प्रयास, पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप

सेवानिवृत्त पुलिस निरीक्षक के साथ बदसलूकी और अवैध वसूली का प्रयास, पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरो

*मामला करीब तीन माह पहले सितंबर 2025 का है, sp से शिकायत के बाद अभी तक जांच का खेल*

कटनी। कटनी जिले से खाकी को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए एक निरीक्षक (इंस्पेक्टर) ने एनकेजे (NKJ) थाने के स्टाफ पर अवैध वसूली, अभद्रता और अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने इसकी लिखित शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों और सीएम हेल्पलाइन (181) में दर्ज कराई है। यह मामला करीब तीन माह पहले 17 सितम्बर 2025 का है, जिसकी शिकायत पीड़ित ने SP से की, तब से मामला जांच में है। जबकि पीड़ित कथन तक दर्ज करा चुके हैं।

*क्या है पूरा मामला?*
सेवानिवृत्त निरीक्षक रामावतार तिवारी (69 वर्ष) द्वारा दिए गए बयान के अनुसार, यह घटना 17 सितंबर 2025 की रात करीब 8:00 बजे की है। श्री तिवारी अपने चालक के साथ वाहन क्रमांक MP43 AJ 7697 से अपने गांव कटंगीकला से कटनी लौट रहे थे। छपरवाह गांव के पास शराब दुकान के करीब कुछ पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी रोकी।

*सादी वर्दी में अवैध वसूली के आरोप*
शिकायत पत्र के मुताबिक, वाहन रुकते ही सादी वर्दी में मौजूद कुछ लड़कों ने चालक से सीट बेल्ट न लगाने की बात कहकर चालान भरने का दबाव बनाया। जब श्री तिवारी ने अपना परिचय दिया और सादी वर्दी में वसूली करने का कारण पूछा, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी एएसआई (ASI) केवल उइके और अन्य स्टाफ ने उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी।

*शिकायत के मुख्य बिंदु:*
*अवैध वसूली का प्रयास*: आरोप है कि पुलिसकर्मी रसीद काटने के बजाय अवैध रूप से पैसे मांग रहे थे।
*बदसलूकी और धमकी*: एएसआई और हवलदार ने सेवानिवृत्त अधिकारी के साथ “तू-तड़ाक” की और उन्हें थाने में पटकने व खींचकर ले जाने की धमकी दी।
*वाहन की चाबी छीनी*: सादी वर्दी में मौजूद एक युवक ने जबरन गाड़ी की चाबी निकाल ली और करीब 2 घंटे तक उन्हें बंधक बनाकर रखा।
* *नियमों का उल्लंघन*: श्री तिवारी ने आरोप लगाया कि एएसआई को जुर्माना वसूलने का अधिकार नहीं है, फिर भी वे जबरन वसूली कर रहे थे।

*RTI से हुआ खुलासा, थाने में दर्ज थी झूठी रवानगी*
पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने इस घटना के संबंध में सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। प्राप्त जानकारी से यह खुलासा हुआ कि घटना के समय थाना प्रभारी अनिल यादव की भी मौके पर रवानगी-वापसी रोजनामचा में दर्ज थी, जबकि वे उस समय वहां उपस्थित ही नहीं थे। रोजनामचा सान्हा क्रमांक 59 में केवल एएसआई और कुछ आरक्षकों (आरक्षक क्र. 304 शैलेष दामोहिया, 190 प्रहलाद सैयाम, 324 अर्पित पटेल) की ड्यूटी पेट्रोलिंग में दर्शाई गई थी।

*कार्रवाई की मांग*
सेवानिवृत्त निरीक्षक ने थाना प्रभारी अनिल यादव और अन्य स्टाफ के खिलाफ पुलिस रेगुलेशन के पैरा क्र. 558 के उल्लंघन और अवैध वसूली का मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस मामले को लेकर कोर्ट तक जाने के लिए तैयार हैं।
फिलहाल, पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने इस मामले में जांच की बात कही है, लेकिन एक पूर्व पुलिस अधिकारी के साथ विभाग के ही कर्मचारियों द्वारा इस तरह के व्यवहार ने जिले के पुलिस प्रशासन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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