भविष्य से भेंट और प्रवेशोत्सव: छात्रों के लिए जिले में उत्सव की शुरुआत, जिले के स्कूलों में 1 से 4 अप्रैल तक विशेष कार्यक्रम
भविष्य से भेंट और प्रवेशोत्सव: छात्रों के लिए जिले में उत्सव की शुरुआत, जिले के स्कूलों में 1 से 4 अप्रैल तक विशेष कार्यक्रम

कटनी (31 मार्च):भविष्य से भेंट और प्रवेशोत्सव: छात्रों के लिए जिले में उत्सव की शुरुआत, जिले के स्कूलों में 1 से 4 अप्रैल तक विशेष कार्यक्रम, जिले में नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल से होगी। इसे स्कूल शिक्षा विभाग “स्कूल चलें हम” अभियान के रूप में मना रहा है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक को अभियान के सुचारु आयोजन के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं।
भविष्य से भेंट और प्रवेशोत्सव: छात्रों के लिए जिले में उत्सव की शुरुआत, जिले के स्कूलों में 1 से 4 अप्रैल तक विशेष कार्यक्रम
अभियान 1 से 4 अप्रैल तक चलेगा और जिले के सभी शासकीय स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिले में कुल 1,985 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें प्रायमरी 1,278, मिडिल 531 और हाई एवं हायर सेकेंडरी 176 स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा 43 अर्ली चाइल्डहुड केयर और एजुकेशन संस्थाएँ हैं। कुल मिलाकर जिले में लगभग 1 लाख 66 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
प्रवेशोत्सव कार्यक्रम
- 1 अप्रैल: जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम सांदीपनि विद्यालय, झिंझरी में आयोजित होगा।
- कार्यक्रम में सांसद, विधायक और अन्य जन-प्रतिनिधि आमंत्रित होंगे।
- नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें और साइकिल वितरित की जाएगी।
- कलेक्टर ने स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
सांस्कृतिक और खेल-कूद गतिविधियाँ
- 2 अप्रैल: शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक और खेल-कूद गतिविधियाँ आयोजित होंगी।
- उद्देश्य: पालकों को विद्यालय से जोड़ना और सरकारी शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी देना।
- पिछले सत्र में 85% से अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के पालकों को सम्मानित किया जाएगा।
“भविष्य से भेंट” कार्यक्रम
- 4 अप्रैल: शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम आयोजित होगा।
- समाज के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को विद्यार्थियों से मिलने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
- अतिथि बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरक कहानियाँ सुनाएंगे।
- सामाजिक संस्थाएँ और अतिथि शाला उपयोगी वस्तुएं स्वेच्छा से वितरित कर सकते हैं।कलेक्टर श्री तिवारी ने जिला परियोजना समन्वयक को निर्देश दिए हैं कि अधिकारी किसी एक शाला में जाकर बच्चों के साथ संवाद करने की ड्यूटी सुनिश्चित करें।








