झिंझरी जेल में बंदी मातृशक्तियों और बच्चों के लिए समाजसेवीयों की सार्थक पहल जेल में बन्द मातृशक्तियों को दिए सोलह श्रृंगार राखी रुमाल व बच्चो को उपहार
झिंझरी जेल में बंदी मातृशक्तियों और बच्चों के लिए समाजसेवीयों की सार्थक पहल जेल में बन्द मातृशक्तियों को दिए सोलह श्रृंगार राखी रुमाल व बच्चो को उपहार
कटनी। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर भारत सरकार सूचीबद्ध मानवाधिकार संस्था एवं सर्वधर्म जनसेवा मंच समिति के संयुक्त तत्वावधान में झिंझरी जेल में बंदी मातृशक्तियों और उनके बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बंदी महिलाओं को सोलह श्रृंगार सामग्री, राखी, रूमाल, मेहंदी, चूड़ी, बिंदी एवं मिठाई वितरित की गई। वहीं नन्हे बच्चों को नए कपड़े, कॉपी, रंग-बिरंगे रंग, पेन-पेंसिल सहित अन्य उपहार प्रदान किए गए। उपहार पाकर बच्चों और बंदी मातृशक्तियों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झिंझरी जेल अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी रहे, जबकि अध्यक्षता उप अधीक्षक अरविंद खरे ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में अरविंद कुमार शाह, कृषि विस्तार अधिकारी संगीता सिंह, डॉ. उर्मिला साई प्रीत, सूचीबद्ध मानवाधिकार भारत आयोग की प्रदेशाध्यक्ष सरस्वती सोनी सहित अन्य अतिथियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना से हुआ। बहनों ने समाजसेवी लक्ष्मी रजक के साथ गीत के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इसके बाद अतिथियों का रोली-तिलक एवं बैज लगाकर स्वागत किया गया। जूनियर अधिवक्ता मीरा अहिरवार, अधिवक्ता पूनम रैदास एवं आशा कार्यकर्ता रीता दुबे ने अतिथियों का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के दौरान बहनों ने झिंझरी जेल अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी के हाथों में रेशम की डोरी बांधकर बहनों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया। लक्ष्मी रजक ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत करते हुए सत्य के मार्ग पर चलने के लिए महिलाओं को प्रेरित किया। समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर बंदी महिलाओं को अपनी गलतियों पर आत्ममंथन करने तथा जेल से बाहर निकलकर सामाजिक विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
जेल अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी ने कहा कि बंदी महिलाएं शिक्षित होकर सक्षम बनें और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सुखमय जीवन व्यतीत करें। उन्होंने समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी सहित अन्य महिलाओं द्वारा विगत वर्षों से किए जा रहे मानवतावादी एवं जनहितैषी कार्यों की सराहना करते हुए इसे सार्थक पहल बताया।
इस अवसर पर समाजसेवी महिलाओं ने बंदी मातृशक्तियों को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाओं के साथ सोलह श्रृंगार सामग्री, राखी, रूमाल, मेहंदी, चूड़ी, बिंदी एवं मिठाई वितरित की। वहीं बच्चों को नए कपड़े, कॉपी, रंग, पेन-पेंसिल और अन्य उपहार दिए गए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और बंदी महिलाओं में भी खुशी का माहौल दिखाई दिया।
कार्यक्रम में झिंझरी जेल की शिक्षिका दीप्ति श्रीवास्तव, मुख्य प्रहरी सृष्टि मिश्रा, मुख्य प्रहरी इमान सिंह, किशोर दुबे, मुख्य प्रहरी रानी सिंह ठाकुर, प्रहरी अतुल श्रीवास्तव, प्रहरी अंकित मिश्रा, मुख्य प्रहरी रानी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।








