जीवाजी यूनिवर्सिटी में BA फर्स्ट ईयर के रिजल्ट पर विवाद: 13.8 हजार में से 6.9 हजार छात्रों को मिली सप्लीमेंट्री, हंगामा
जीवाजी यूनिवर्सिटी में BA फर्स्ट ईयर के रिजल्ट पर विवाद: 13.8 हजार में से 6.9 हजार छात्रों को मिली सप्लीमेंट्री, हंगामा
ग्वालियर: जीवाजी विश्वविद्यालय (Jiwaji University) एक बार फिर उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और परीक्षा परिणाम को लेकर विवादों में घिर गया है। बीए प्रथम वर्ष (BA 1st Year) का परिणाम जारी होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों को सप्लीमेंट्री मिलने से आक्रोश फैल गया, जिसके विरोध में सोमवार को छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया [cite: बीए प्रथम वर्ष का परिणाम जारी होने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री मिलने से सोमवार को छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया।]।
इंग्लिश लैंग्वेज पेपर में गड़बड़ी का आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि खासतौर पर ‘इंग्लिश लैंग्वेज फाउंडेशन’ के पेपर में असामान्य रूप से बेहद ज्यादा सप्लीमेंट्री दी गई है। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे रिजल्ट की जांच करने और उत्तर पुस्तिकाओं का निशुल्क पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) कराने की मांग की है [cite: विद्यार्थियों ने परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया की जांच के साथ उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग की है।]।
परीक्षा परिणाम का आंकड़ा (Result Data)
विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बीए प्रथम वर्ष का परिणाम इस प्रकार रहा:
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कुल परीक्षार्थी: 13,823
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उत्तीर्ण (Pass): 6,335 छात्र
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सप्लीमेंट्री (Supplementary): 6,935 छात्र
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अनुत्तीर्ण (Fail): 550 छात्र








