कटनी आउटर पर आधी रात ट्रेन में बड़ी चोरी, एक पूरी बोगी के यात्री बने निशाना
प्रयागराज से तमिलनाडु जा रही ट्रेन में वारदात, जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आधा दर्जन से अधिक आरोपी गिरफ्ता
कटनी। कटनी रेलवे स्टेशन के आउटर पर 28 सितंबर की आधी रात प्रयागराज से तमिलनाडु की ओर जा रही ट्रेन में हुई चोरी की वारदात ने रेल यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रेन की एक पूरी बोगी के यात्रियों के सामान को निशाना बनाया गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद रेलवे और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
मामला जिला पुलिस तक पहुंचने के बाद चार थानों की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन से अधिक संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। चोरी गए सामान, आरोपियों के नेटवर्क और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती और गश्त की व्यवस्था रहती है। ऐसे में एक ही बोगी के कई यात्रियों के सामान को निशाना बनाए जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच का विषय यह भी है कि वारदात के दौरान बोगी में सुरक्षा बल की मौजूदगी और गश्त की स्थिति क्या थी।
यदि अपराधियों ने योजनाबद्ध तरीके से यात्रियों के सामान को निशाना बनाया, तो यह भी जांच जरूरी है कि उन्हें बोगी और यात्रियों की गतिविधियों की जानकारी कैसे मिली।
संगठित गिरोह की आशंका से इनकार नहीं
एक साथ बड़ी संख्या में यात्रियों के सामान को निशाना बनाए जाने से पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं वारदात के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं था। आरोपियों ने ट्रेन की पहले से रेकी की थी या नहीं, चोरी का सामान कहां पहुंचाया गया और इस नेटवर्क में अन्य कौन लोग शामिल हैं, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले की तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने की उम्मीद है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और आगे की जांच में ही यह स्पष्ट होगा कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और चोरी की पूरी साजिश किस स्तर पर रची गई थी।



















