Mahashivratri: महाशिवरात्रि व्रत: जानें क्या खाएं और क्या नहीं, पूजा के नियम और महत्व

Mahashivratri: महाशिवरात्रि व्रत: जानें क्या खाएं और क्या नहीं, पूजा के नियम और महत्व। महाशिवरात्रि का हिंदू धर्म में खास महत्व है. इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने के साथ व्रत भी किया जाता है. धार्मिक ग्रंथों में इस व्रत को लेकर कुछ नियम बताए गए हैं, जिसमे से एक यह है कि महाशिवरात्रि के व्रत में क्या खांए और क्या नहीं?

Niyam: महाशिवरात्रि का दिन देवों को देव महादेव को समर्पित हैं. कहते हैं इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजन करने साथ व्रत का पालन करने से व्यक्ति भगवान शिव की कृपा प्राप्ति होती है. वहीं महाशिवरात्रि व्रत का पूरा फल पाने के लिए कुछ खास नियमों का पालन करना भी जरूरी होता है. महाशिवरात्रि का व्रत मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है, निर्जला व्रत और फलाहार व्रत. निर्जला व्रत में पूरे दिन और रात बिना जल और अन्न ग्रहण किए उपवास रखा जाता है. ऐसे में कई लोगों के मन ये यह सवाल आता है कि इस दिन व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं, तो आइए जानते हैं.

महाशिवरात्रि कब है?| Maha Shivratri 2025 date

हिंदू पंचांग के अनसुार, फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत बुधवार, 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 8 मिनट पर होगा. वहीं तिथि का समापन 27 फरवरी को सुबह 8 बजकर 54 मिनट पर होगा. महाशिवरात्रि की पूजा रात्रि में की जाती है, इसलिए महाशिवरात्रि का व्रत भी 26 फरवरी को ही किया जाएगा.

महाशिवरात्रि व्रत में क्या खाएं?

महाशिवरात्रि व्रत के दौरान अलग-अलग तरह के फल खा सकते हैं. साबूदाना की खिचड़ीस या वड़ा, सिंघाड़े के आटे से बनी रोटी या पराठे, मखाने की खीर या भुने हुए मखाने, दूध, दही, और पनीर, ड्राई फ्रूट्स खा सकते हैं.

महाशिवरात्रि व्रत में क्या नहीं खाएं?

महाशिवरात्रि व्रत के दौरान अनाज यानी गेहूं, चावल और अन्य अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए. तामसिक भोजन जैसे प्याज और लहसुन जैसे तामसिक खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए. इसके अलावा मांस, मछली या शराब का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए.

Exit mobile version