भोपाल। प्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग एक होने जा रहे हैं। इसके बाद विभाग के मंत्री भी एक होंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए निर्णय लेने में होगा। लंबे समय से दोनों विभागों को एक करने की कवायद चल रही थी। अब ‘आत्मनिर्भर भारत” योजना के तहत इसे अमलीजामा पहनाने की तैयारी है।

बता दें कि भारत सरकार में चिकित्सा शिक्षा भी स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन है। इसके अलावा कई राज्यों में भी दोनों विभाग एक हैं। कुछ जगह तो महिला एवं बाल विकास भी इनमें शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभागों को एक करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने सहमति दे दी है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों विभागों के आयुक्त अलग-अलग होंगे।