उत्तरप्रदेश

Lockdown: बुजुर्ग की एक कॉल पर टीम लेकर दौड़ पड़े UP पुलिस के ACP चिंरजीव, रोज यहां बजती हैं तालिया

मुश्ताक मीडिया से  बातचीत में कहते हैं कि ये फरिश्ता ही हैं। एसीपी खुद घर चल कर आए हैं दवा देने. मैं बीपी का पेशेंट हूं. मैंने कॉल किया था और अब उन्होंने दवा लाकर मुझे दिया है. मेरे लिए इससे बड़ी बात क्या हो सकती है? मुश्ताक कहते हैं कि पैसा देने की बात पर एसीपी ने कहा कि ये मेरा कार्य है. मानवता के नाते मैं यहां आया हूं

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में लॉक डाउन (Lockdown) के बीच पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है. कई तरह से लखनऊ पुलिस (Lucknow Police) खुद ही अपने स्तर से लोगों की सहायता कर रही है. वहीं बेवजह घर से निकलने वालों के खिलाफ सख्ती भी बरती जा रही है. ऐसा ही एक मामला शुक्रवार सुबह आया, जब लखनऊ के एसीपी चिरंजीव नाथ सिन्हा (ACP Chirnajeev Nath Sinha) को एक कॉल आती है. ये कॉल लखनऊ के प्राग नारायण अपार्टमेंट से एक बुजुर्ग करते हैं. यहां अपार्टमेंट में 54बी नंबर फ्लैट से मुश्ताक सीनियर सिटीजन हैं और बीपी के पेशेंट हैं. वह कहते हैं कि उनकी दवा खत्म हो गई है

इस कॉल के बाद एसीपी चिरंजीवअपनी गाड़ी लेकर निकल पड़ते हैं. वह सीधे सिविल अस्पताल पहुंचते हैं. इस दौरान एसीपी और उनकी टीम सोशल डिस्टेंस मेनटेन करते हुए दवा खरीदती है. इसके बाद एसीपी जॉपलिन रोड स्थित अपार्टमेंट पहुंचते हैं. यहां वह फोन करते हैं और धीरे-धीरे कदमों से मुश्ताक बाहर आते हैं.

लॉक डाउन का समय चल रहा है लिहाजा एसीपी घर के अंदर नहीं जाते वह गेट पर ही पर्चा और दवाएं मुश्ताक को देते हैं. मुश्ताक को दवा मिलते ही ऐसा लगा मानो कोई फरिश्ता उनके दरवाजे पर आ गया हो. मुश्ताक न्यूज 18 से बातचीत में कहते हैं कि ये फरिश्ता ही हैं. एसीपी खुद घर चल कर आए हैं दवा देने. मैं बीपी का पेशेंट हूं. मैंने कॉल किया था और अब उन्होंने दवा लाकर मुझे दिया है. मेरे लिए इससे बड़ी बात क्या हो सकती है? मुश्ताक कहते हैं कि पैसा देने की बात पर एसीपी ने कहा कि ये मेरा कार्य है. मानवता के नाते मैं यहां आया हूं.

यही नहीं इसके बाद एसीपी अपनी गाड़ी से लाउडस्पीकर निकालते हैं और लोगों से अनुरोध करते हैं कि सभी लोग अपनी बालकनी में आ जाएं. लोग बालकनी में आते हैं. इसके बाद एसीपी कोरोना वायरस के बारे में जानकारी देते हैं और बताते हैं कि आपको कोई समस्या हो तो आप 112 नंबर पर कॉल करिए या मेरे नंबर पर कॉल कीजिए. आपको घर पर इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. बालकनी में खड़े लोग जोरदार ताली बजाते हैं

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