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दद्दा धाम में दिव्यता का आलोक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में उमड़ा आस्था का सागर अनिरुद्धाचार्य जी महाराज पहुंचे दद्दा धाम, पूर्व मंत्री संजय सत्येन्द्र पाठक ने की अगवानी समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर लिया पूज्य दद्दाजी का आशीर्वाद

दद्दा धाम में दिव्यता का आलोक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में उमड़ा आस्था का सागर
अनिरुद्धाचार्य जी महाराज पहुंचे दद्दा धाम, पूर्व मंत्री संजय सत्येन्द्र पाठक ने की अगवानी समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर लिया पूज्य दद्दाजी का आशीर्वा

कटनी। गृहस्थ संत परम पूज्य गुरुदेव अनंत विभूषित पं. देव प्रभाकर जी शास्त्री “दद्दा जी” की असीम कृपा से झिंझरी स्थित श्रीकृष्ण वृद्ध आश्रम प्रांगण, दद्दा धाम में इन दिनों चल रहे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव, असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण, महारुद्राभिषेक एवं अमृतमयी कथा में श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है।
9 से 13 नवंबर तक आयोजित इस दिव्य महोत्सव में देशभर से भक्तगण, संत, साधु एवं कथा प्रेमी शामिल हो रहे हैं।
दिव्य सानिध्य में हो रहें इस भक्ति के संगम मे
सोमवार को जब सुप्रसिद्ध कथावाचक पं. अनिरुद्धाचार्य जी महाराज दद्दा धाम पहुंचे, तो श्रद्धालुओं की आंखों में भक्ति का सागर उमड़ पड़ा।
धाम परिसर में जैसे ही उनके आगमन का समाचार फैला, भक्तों ने जयकारों से स्वागत किया। पुष्पवृष्टि और हार-श्रृंगार से स्वागत करते हुए उन्हें भव्य शोभायात्रा के बीच समाधि स्थल तक ले जाया गया।
पूर्व मंत्री एवं विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने स्वयं आगे बढ़कर पूज्य अनिरुद्धाचार्य जी महाराज की अगवानी की और उन्हें परम पूज्य दद्दाजी के समाधि स्थल तक ले गए, जहाँ उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित की, नमन कर पूज्य गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस भावुक दृश्य ने वहां उपस्थित प्रत्येक श्रद्धालु के हृदय में गुरुभक्ति का दीप प्रज्वलित कर दिया।

पूज्य दद्दाजी का संकल्प-शिव से हरि तक का अद्वितीय सेतु,परम पूज्य दद्दाजी सदैव “हरिहरात्मक” भाव के प्रणेता रहे हैं। वे एक ही यज्ञ पंडाल में प्रातः ‘हर’ (शिव) का निर्माण करवाते थे और संध्या में स्वयं के मुख से ‘हरि’ (कृष्ण) की कथा सुनाते थे। उन्होंने धर्म, जाति, मत, संप्रदाय के भेदों को मिटाकर सबको एक सूत्र में पिरोया।
सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण के उनके यज्ञों ने न केवल भक्ति की परंपरा को जीवित किया बल्कि प्रत्येक घर में “हर-हर महादेव” का उद्घोष कर भारत के अध्यात्म को जन-जन तक पहुँचाया।

विशेष आयोजन और कथा का शुभारंभ
11 नवंबर की प्रातः 10 बजे प्राण प्रतिष्ठा का पावन अनुष्ठान संपन्न होगा।
11 से 13 नवंबर तक सायं 4 बजे से “अमृतमयी कथा” का आयोजन होगा, जिसमें श्री वृंदावन धाम के प्रसिद्ध कथा व्यास पं. इन्द्रेश उपाध्याय जी महाराज कथा प्रवचन देंगे।
इस दौरान पं. मोहित मरन्न गोस्वामी जी, पं. पुंडरीक गोस्वामी जी (रेणुका जी) तथा पं. अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के विशेष सानिध्य का सौभाग्य भक्तों को प्राप्त होगा।
भक्ति रस के सागर में डुबकी लगाने हेतु कन्हैया मित्तल, चित्र-विचित्र जी, आर.पी. रासभोर जी, पूर्णिमा दीदी सहित प्रसिद्ध भजन गायकों की प्रस्तुतियाँ प्रतिदिन भक्तों को भाव-विभोर कर रही हैं।

सेवा, साधना और श्रद्धा का संगम
पूरे आयोजन के दौरान भक्तों के लिए निःशुल्क भोजन भंडारा एवं महाप्रसाद प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तथा रात्रि 8 से 10 बजे तक उपलब्ध है।
दद्दा शिष्य मंडल, श्रीकृष्ण वृद्ध आश्रम समिति एवं दद्दाजी मंदिर निर्माण समिति द्वारा भक्तों की सुविधा हेतु व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

गुरु कृपा का अमृत प्रवाह
पूर्व मंत्री संजय सत्येन्द्र पाठक, संरक्षक दद्दाजी मंदिर निर्माण समिति,दद्दा धाम में दिव्यता का आलोक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में उमड़ा आस्था का सागर
अनिरुद्धाचार्य जी महाराज पहुंचे दद्दा धाम, पूर्व मंत्री संजय सत्येन्द्र पाठक ने की अगवानी समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर लिया पूज्य दद्दाजी का आशीर्वाद
कटनी। गृहस्थ संत परम पूज्य गुरुदेव अनंत विभूषित पं. देव प्रभाकर जी शास्त्री “दद्दा जी” की असीम कृपा से झिंझरी स्थित श्रीकृष्ण वृद्ध आश्रम प्रांगण, दद्दा धाम में इन दिनों चल रहे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव, असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण, महारुद्राभिषेक एवं अमृतमयी कथा में श्रद्धा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है।
9 से 13 नवंबर तक आयोजित इस दिव्य महोत्सव में देशभर से भक्तगण, संत, साधु एवं कथा प्रेमी शामिल हो रहे हैं।
दिव्य सानिध्य में हो रहें इस भक्ति के संगम मे
सोमवार को जब सुप्रसिद्ध कथावाचक पं. अनिरुद्धाचार्य जी महाराज दद्दा धाम पहुंचे, तो श्रद्धालुओं की आंखों में भक्ति का सागर उमड़ पड़ा।
धाम परिसर में जैसे ही उनके आगमन का समाचार फैला, भक्तों ने जयकारों से स्वागत किया। पुष्पवृष्टि और हार-श्रृंगार से स्वागत करते हुए उन्हें भव्य शोभायात्रा के बीच समाधि स्थल तक ले जाया गया।
पूर्व मंत्री एवं विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने स्वयं आगे बढ़कर पूज्य अनिरुद्धाचार्य जी महाराज की अगवानी की और उन्हें परम पूज्य दद्दाजी के समाधि स्थल तक ले गए, जहाँ उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित की, नमन कर पूज्य गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस भावुक दृश्य ने वहां उपस्थित प्रत्येक श्रद्धालु के हृदय में गुरुभक्ति का दीप प्रज्वलित कर दिया।

पूज्य दद्दाजी का संकल्प-शिव से हरि तक का अद्वितीय सेतु,परम पूज्य दद्दाजी सदैव “हरिहरात्मक” भाव के प्रणेता रहे हैं। वे एक ही यज्ञ पंडाल में प्रातः ‘हर’ (शिव) का निर्माण करवाते थे और संध्या में स्वयं के मुख से ‘हरि’ (कृष्ण) की कथा सुनाते थे। उन्होंने धर्म, जाति, मत, संप्रदाय के भेदों को मिटाकर सबको एक सूत्र में पिरोया।
सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण के उनके यज्ञों ने न केवल भक्ति की परंपरा को जीवित किया बल्कि प्रत्येक घर में “हर-हर महादेव” का उद्घोष कर भारत के अध्यात्म को जन-जन तक पहुँचाया।

विशेष आयोजन और कथा का शुभारंभ
11 नवंबर की प्रातः 10 बजे प्राण प्रतिष्ठा का पावन अनुष्ठान संपन्न होगा।
11 से 13 नवंबर तक सायं 4 बजे से “अमृतमयी कथा” का आयोजन होगा, जिसमें श्री वृंदावन धाम के प्रसिद्ध कथा व्यास पं. इन्द्रेश उपाध्याय जी महाराज कथा प्रवचन देंगे।
इस दौरान पं. मोहित मरन्न गोस्वामी जी, पं. पुंडरीक गोस्वामी जी (रेणुका जी) तथा पं. अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के विशेष सानिध्य का सौभाग्य भक्तों को प्राप्त होगा।
भक्ति रस के सागर में डुबकी लगाने हेतु कन्हैया मित्तल, चित्र-विचित्र जी, आर.पी. रासभोर जी, पूर्णिमा दीदी सहित प्रसिद्ध भजन गायकों की प्रस्तुतियाँ प्रतिदिन भक्तों को भाव-विभोर कर रही हैं।

सेवा, साधना और श्रद्धा का संगम
पूरे आयोजन के दौरान भक्तों के लिए निःशुल्क भोजन भंडारा एवं महाप्रसाद प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तथा रात्रि 8 से 10 बजे तक उपलब्ध है।
दद्दा शिष्य मंडल, श्रीकृष्ण वृद्ध आश्रम समिति एवं दद्दाजी मंदिर निर्माण समिति द्वारा भक्तों की सुविधा हेतु व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

गुरु कृपा का अमृत प्रवाह
पूर्व मंत्री संजय सत्येन्द्र पाठक, संरक्षक दद्दाजी मंदिर निर्माण समिति, ने कहा यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूज्य दद्दाजी के दिव्य संकल्प की पुनः प्रतिष्ठा है। हर भक्त जो यहां आता है, वह केवल दर्शन नहीं, वरन् ‘गुरु कृपा’ का अनुभव लेकर लौटता है।”

श्रद्धालुओं के लिए आमंत्रण
परम पूज्य गुरुदेव के परिवार डॉ. अनिल त्रिपाठी, सुनील त्रिपाठी, नीरज त्रिपाठी सहित सम्पूर्ण शिष्य परिवार ने देशभर के श्रद्धालुओं से आह्वान किया है कि “9 से 13 नवंबर तक इस भव्य आयोजन में सपरिवार सम्मिलित होकर पुण्यलाभ एवं गुरु कृपा का प्रसाद प्राप्त करें।

“जहाँ शिव हैं वहाँ हरि हैं, जहाँ हरि हैं वहाँ दद्दाजी हैं।”
दद्दा धाम जहाँ आस्था साकार होती है, और भक्ति अमर। ने कहा यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूज्य दद्दाजी के दिव्य संकल्प की पुनः प्रतिष्ठा है। हर भक्त जो यहां आता है, वह केवल दर्शन नहीं, वरन् ‘गुरु कृपा’ का अनुभव लेकर लौटता है।”

श्रद्धालुओं के लिए आमंत्रण
परम पूज्य गुरुदेव के परिवार डॉ. अनिल त्रिपाठी, सुनील त्रिपाठी, नीरज त्रिपाठी सहित सम्पूर्ण शिष्य परिवार ने देशभर के श्रद्धालुओं से आह्वान किया है कि “9 से 13 नवंबर तक इस भव्य आयोजन में सपरिवार सम्मिलित होकर पुण्यलाभ एवं गुरु कृपा का प्रसाद प्राप्त करें।

“जहाँ शिव हैं वहाँ हरि हैं, जहाँ हरि हैं वहाँ दद्दाजी हैं।”
दद्दा धाम जहाँ आस्था साकार होती है, और भक्ति अमर।

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