Sunday, April 26, 2026
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लोकायुक्त पुलिस का बड़ा एक्शन, पूर्व RTO आरक्षक सौरभ शर्मा गिरफ्तार, सरेंडर याचिका पर सुनवाई से पहले हुई गिरफ्तारी

लोकायुक्त पुलिस का बड़ा एक्शन, पूर्व RTO आरक्षक सौरभ शर्मा गिरफ्तार, सरेंडर याचिका पर सुनवाई से पहले हुई गिरफ्तारी। काली कमाई के आरोप से घिरे मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की ओर से आत्मसमर्पण के लिए प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर भोपाल के विशेष न्यायालय में मंगलवार को सुनवाई की जाएगी। इसके लिए सोमवार को सौरभ अपने वकील के साथ कोर्ट में प्रस्तुत हुआ था।

इस बीच, वकील ने दावा किया है कि सौरभ शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि जांच एजेंसियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

इससे पहले सोमवार को सौरभ शर्मा की याचिका पर कोर्ट ने लोकायुक्त से डायरी तलब की थी। मंगलवार को लोकायुक्त व अन्य जांच एजेंसियों के तर्कों को सुनने के बाद न्यायालय इस मामले में सुनवाई करेगा।

सौरभ की गिरफ्तारी की कोशिशें तेज

  • वहीं, सौरभ की गिरफ्तारी की कोशिश में भी जांच एजेंसियां जुट गई हैं। बता दें कि 19 दिसंबर 2024 को लोकायुक्त की टीम ने सौरभ के घर पर छापेमारी के साथ ही उसके नजदीकी चेतन गौर की कार भी बरामद की थी।
  • कार से आयकर विभाग की टीम ने 11 करोड़ रुपये और 52 किलोग्राम सोना समेत बेनामी प्रापर्टी के कागजात बरामद किए गए थे। 40 दिन से सौरभ अपनी पत्नी दिव्या तिवारी के साथ फरार चल रहा था।
  • इस मामले में मध्य प्रदेश की राजनीति भी गरमाई हुई है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा नेताओं पर सौरभ को संरक्षण देने के आरोप लगाए हैं। यदि सौरभ से पूछताछ होती है तो कई राज सामने आ सकते हैं।

40 दिन की फरारी के बाद कोर्ट पहुंचा, पुलिस मसलती रह गई हाथ

इससे पहले सौरभ शर्मा अपने ठिकानों पर ईडी, आयकर और लोकायुक्त की छापेमारी के 40 दिन बाद सोमवार को पहली बार सामने आया। वह दोपहर करीब 12 बजे अपने वकील राकेश पाराशर के साथ भोपाल जिला न्यायालय में विशेष न्यायाधीश राम प्रसाद मिश्र के न्यायालय में पहुंचा।

आत्मसमर्पण का प्रार्थनापत्र लगाने के बाद गायब हो गया। उसके प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के लिए न्यायालय ने मंगलवार को सुबह लोकायुक्त समेत जांच एजेंसियों से केस डायरी तलब की है। इसके साथ ही सौरभ के वकील को भी सुनवाई के लिए पेश होने के निर्देश दिए हैं।

वहीं, सौरभ के न्यायालय पहुंचने की जानकारी लगते ही लोकायुक्त समेत अन्य एजेंसियां भी सक्रिय हो गईं। बता दें कि गत 26 दिसंबर को सौरभ शर्मा ने अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र भी प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने अपराध की गंभीरता तथा जांच में आरोपी से पूछताछ की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अग्रिम जमानत देने से इन्कार कर दिया था।

हालांकि सौरभ के वकील की ओर से कहा गया था कि आरोपित छापामारी के समय लोक सेवक नहीं था। सौरभ मामले की जांच कर रहीं एजेंसियां उसके आत्मसमर्पण के प्रार्थनापत्र के बाद सतर्क हो गई हैं। सोमवार को सौरभ के आने की सूचना पर गिरफ्तारी के लिए जब तक उसकी घेराबंदी की गई, तब तक वह गायब हो चुका था, लेकिन माना जा रहा है कि मंगलवार को उसके प्रार्थनापत्र पर सुनवाई होगी।

ऐसे में उसके न्यायालय में आने की संभावना रहेगी। इसे देखते हुए जांच एजेंसियों की कोशिश उसे गिरफ्तार करने की होगी। बता दें कि जांच एजेंसियों की कोशिश भोपाल में उसके ठिकानों पर तलाशी कर उसकी गिरफ्तारी करने की भी है।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि