
Katni। शहर के एनकेजे थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली वन विभाग की सरसवाही नर्सरी में आज सुबह वहीं पर काम करने वाले चौकीदार की अर्धनग्न अवस्था में लाश पाई गई। मृत अवस्था में पाए गए चौकीदार के शरीर पर चड्डी के अलावा और कोई भी वस्त्र मौजूद नहीं था, और जहां पर उसकी लाश पड़ी हुई है वहां पर घसीटने के निशान भी मौजूद हैं।
पैर में जलने के लंबे निशान मौजूद हैं। इसके अलावा पीठ में भी निशान हैं। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई। आनन फानन में घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों और परिजनों ने चौकीदार की हत्या कर पंप हाउस में लाश फेंके जाने की आशंका जताई है।
जानकारी देते हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह 7 बजे घटना की सूचना एनकेजे पुलिस और वन विभाग के रेंजर को दे दी गई, लेकिन ना तो वन विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और ना ही एनकेजे थाने का स्टाफ। औपचारिकता पूरी करने के लिए 100 नंबर की एक गाड़ी एनकेजे थाने के द्वारा भेज दी गई है। पुलिस और वन विभाग की गैर मौजूदगी के कारण लोगों में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है।
इस तरह हुई घटना
घटना की जानकारी देते हुए प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया कि एनकेजे थाना अंतर्गत ग्राम सरसवाही निवासी लगभग 45 वर्षीय अजय पिता स्वर्गीय राम शंकर त्रिपाठी वन विभाग की सरसवाही नर्सरी में चौकीदारी का काम करता था। वह रात में नर्सरी में चौकीदारी कर रहा था। आज सुबह उसका शव नर्सरी के पंप हाउस में पाया गया। अजय के शरीर पर चड्डी के अलावा कोई भी वस्त्र मौजूद नहीं था। उसके पैर में करेंट लगाकर जलाने के निशान भी मौजूद हैं, इसके साथ ही पीठ में भी लम्बे लम्बे निशान हैं। अजय के बाकी कपड़े दूर एक बाल्टी में रखे हुए हैं।
स्थानीय लोगों और परिजनों ने आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तरह अजय के पैर और पीठ में जलाने के निशान है, उससे यह साफ जाहिर होता है कि उसकी करंट लगाकर हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि अजय की हत्या कहीं और की गई है और उसकी लाश को उठाकर पंप हाउस में ठिकाने लगा दिया गया है। पंप हाउस में घसीटने के निशान भी मौजूद हैं। इससे इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि उसकी हत्या कहीं और करने के बाद पंप हाउस में लाकर फेंका गया है।
स्थानीय ग्रामीण एवं परिजनों ने कहा कि घटना की सूचना 7 बजे एनकेजे थाने एवं वन विभाग के रेंजर को प्रदान कर दी गई, लेकिन सुबह 10 बजे तक ना तो एनकेजे थाने के अधिकारी कर्मचारी और ना ही वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे हैं। औपचारिकता करने के नाम पर एनकेजे थाना की एक 100 नंबर की गाड़ी वहां अब जाकर आई है। जिसमें एक ड्राइवर और एक अन्य कर्मचारी मौजूद है। पुलिस और वन विभाग के द्वारा बरती जा रही लापरवाही के कारण स्थानीय लोगों और परिजनों में आक्रोश व्याप्त है।








