Katni Digital Farming: कटनी जिले में डिजिटल क्रांति- 2.18 लाख से अधिक किसानों की बनी ‘फार्मर आईडी’; जानिए इसके शानदार लाभ
Katni Digital Farming: कटनी जिले में डिजिटल क्रांति- 2.18 लाख से अधिक किसानों की बनी ‘फार्मर आईडी’; जानिए इसके शानदार लाभ
कटनी: कटनी जिले के अन्नदाताओं को सहज, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा ‘डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री अभियान’ एक बड़े मील के पत्थर पर पहुंच गया है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के कुशल निर्देशन में जिले में अब तक रिकॉर्ड 2 लाख 18 हजार 984 किसानों की यूनिक ‘फार्मर आईडी’ (Farmer ID) जनरेट की जा चुकी है।
कलेक्टर श्री तिवारी ने जिले के शेष बचे सभी कृषकों से अपील की है कि वे भी शासकीय योजनाओं का निर्बाध रूप से लाभ लेने के लिए बिना किसी देरी के अपने क्षेत्र के पटवारी से संपर्क कर अपनी विशिष्ट फार्मर आईडी अवश्य बनवाएं।Katni Digital Farming: कटनी जिले में डिजिटल क्रांति- 2.18 लाख से अधिक किसानों की बनी ‘फार्मर आईडी’; जानिए इसके शानदार लाभ
तहसीलवार आंकड़े: विजयराघवगढ़ जिला भर में सबसे आगे
जिले में फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में विजयराघवगढ़ तहसील सबसे आगे चल रही है। जिले की विभिन्न तहसीलों में अब तक बनाई गई फार्मर आईडी की संख्या इस प्रकार है:
- विजयराघवगढ़: 36,443 किसान
- ढीमरखेड़ा: 32,490 किसान
- बहोरीबंद: 30,571 किसान
- रीठी: 27,403 किसान
- बड़वारा: 22,040 किसान
- बरही: 21,676 किसान
- स्लीमनाबाद: 20,823 किसान
- मुरवारा (कटनी ग्रामीण): 15,024 किसान
- कटनी नगर: 12,514 किसान
क्या है फार्मर आईडी और इसके 5 सबसे बड़े लाभ?
फार्मर आईडी 12 अंकों की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान संख्या होती है। यह डिजिटल क्रेडेंशियल किसान की कृषि भूमि (खसरा/ऋणपुस्तिका), उसके प्रमाणित विवरण और मोबाइल नंबर को एक साथ सुरक्षित रूप से लिंक (जोड़ता) करता है। इससे किसानों को निम्नलिखित बड़े फायदे मिलेंगे:
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बार-बार दस्तावेजों से मुक्ति: अब किसानों को किसी भी सरकारी योजना का आवेदन करने के लिए बार-बार खसरा, बी-1, या बैंक पासबुक की फोटोकॉपी लेकर दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।
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सीधे खाते में आएगी राशि: पीएम किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना सहित फसल बीमा (Crop Insurance) का पैसा बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप या गड़बड़ी के सीधे और तेज गति से बैंक खाते में ट्रांसफर होगा।
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फसल उपार्जन में आसानी: धान, गेहूं, मूंग जैसी फसलों की सरकारी खरीदी (पंजीयन) के समय होने वाली दिक्कतें खत्म होंगी और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन व पारदर्शी हो जाएगी।
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आसान कृषि ऋण (KCC): बैंकों से खेती के लिए लोन या केसीसी (KCC) लेने की प्रक्रिया बेहद सरल हो जाएगी।
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फर्जीवाड़े पर पूर्ण विराम: एक ही प्रामाणिक डिजिटल डेटा होने के कारण कोई भी बिचौलिया या दूसरा व्यक्ति किसी असली किसान के नाम पर फर्जी पंजीयन कराकर गलत लाभ नहीं उठा सकेगा।
किसान भाई यहाँ आसानी से बनवाएं अपनी ‘फार्मर आईडी’
प्रशासन के मुताबिक इस आईडी को बनवाना बेहद आसान है। किसान इसके लिए निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:
- पटवारी से संपर्क: अपने क्षेत्र के स्थानीय हल्के के पटवारी से मिलकर इसे तुरंत निःशुल्क बनवा सकते हैं।
- कियोस्क केंद्र: नजदीकी एमपी ऑनलाइन (MP Online) या सीएससी (CSC) कियोस्क केंद्र पर जाकर भी इसे जनरेट करवाया जा सकता है।
- स्वयं ऑनलाइन पोर्टल: इंटरनेट की जानकारी रखने वाले किसान सीधे सरकार के आधिकारिक डिजिटल पोर्टल https://mpfr.agristack.gov.in/ पर जाकर भी अपनी फार्मर आईडी खुद बना सकते हैं।

