कटनी: अवैध विस्फोटकों और अपराधियों पर प्रशासन की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, SDM और पुलिस की संयुक्त बैठक में कड़े निर्देश
कटनी: अवैध विस्फोटकों और अपराधियों पर प्रशासन की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, SDM और पुलिस की संयुक्त बैठक में कड़े निर्देश। जिले में कानून और शांति व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए आज कटनी एसडीएम कार्यालय में प्रशासन और पुलिस विभाग की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट आशीष तिवारी के कड़े रुख के बाद, एसडीएम श्री प्रमोद चतुर्वेदी और नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया के नेतृत्व में अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
कटनी: अवैध विस्फोटकों और अपराधियों पर प्रशासन की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, SDM और पुलिस की संयुक्त बैठक में कड़े निर्देश
विस्फोटक भंडारण की होगी ‘ग्राउंड जीरो’ पर जांच
बैठक का मुख्य एजेंडा विस्फोटक सामग्रियों का असुरक्षित भंडारण रहा। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि:
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अमोनियम नाइट्रेट नियम 2012 और विस्फोटक नियम 2008 के तहत स्वीकृत सभी मैगजीनों और स्टोर हाउसों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) अनिवार्य है।
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तहसील और थाना स्तर पर गठित विशेष टीमें तुरंत मौके पर जाकर जांच करेंगी और अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेंगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) रद्द करने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
BNSS धारा 129: अपराधियों के खिलाफ ‘बाउंड-ओवर’ अभियान
शहर की शांति भंग करने वाले आदतन अपराधियों के खिलाफ अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की नई धाराओं के तहत नकेल कसी जाएगी।
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थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों के सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार कर धारा 129 के तहत प्रकरण दर्ज करें।
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अपराधियों को शीघ्र बाउंड-ओवर (पाबंद) किया जाएगा, ताकि भविष्य में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में डीएसपी मुख्यालय श्री रत्नेश शर्मा, तहसीलदार श्री आकाश नीरज (नगर), श्री अतुलेश सिंह (ग्रामीण), और कई थानों के प्रभारी (कोतवाली, कुठला, एनकेजे, रीठी) उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य स्पष्ट था—प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल के जरिए कटनी को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाना।
प्रशासन का संदेश: “कानून का उल्लंघन करने वालों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले विस्फोटक संचालकों के खिलाफ अब रियायत नहीं बरती जाएगी।”

