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Katni : डरबी होटल ओनली सील और स्लीमनाबाद में गरीबों के आशियाने पर बुलडोजर

ठंड में पेड़ के नीचे आग जलाकर रात बिता रहे अतिक्रमण की कार्रवाई से प्रभावित गरीब परिवार

कटनी। उपनगरीय क्षेत्र माधवनगर व स्लीमनाबाद में भूमाफिया के विरूद्ध गठित दमनदल द्धारा अतिक्रमण की दो अलग-अलग कार्रवाई से जिला प्रशासन सवालों में घिर गया है। माधवनगर में लोगों के विरोध को देखते हुए दमनदल बैकफुट पर आ गया और अवैध रूप से बनाई गई डरबी होटल पर बुलडोजर चलाने की बजाय उसे सील कर वापस लौट आया, इसी दिन स्लीमनाबाद में गरीबों के विरोध को नजरअंदाज कर दमनदल ने गरीबों के घरौंदों पर बुलडोजर चलाकर जमीदोज कर दिया।

कहा जा रहा है कि गरीबों को हटाने व अस्पताल की जमीन पर कब्जा कर बनाए गए उनके आशियानों को उजाड़ने के पूर्व यहां प्रशासन ने उनको पहले विस्थापित करने के भी प्रयास नहीं किए गए और भूमाफियाओं के विरूद्ध कार्रवाई के नाम पर बुलडोजर चलाकर उनके घरौंदे जमीदोज कर दिए गए। जिसका परिणाम है कि अतिक्रमण की कार्रवाई से प्रभावित गरीब परिवारों के लोग ठिठुरन भरी ठंड में पेड़ के नीचे खुले आसमान में ये रात गुजार रहे हैं। इन लोंगो का हम हाल जानने मीडियाकर्मियों की टीम पहुंची तो मुलाकात शकुन बाई चौधरी से हुई। उन्होंने जो बताया वह रोंगटे खड़े कर देने वाला सच था।

 

शकुन बाई ने आरोप लगाया कि जिस दिन प्रशासन घर तोड़ने पहुंचा था। उस दिन उसकी वृद्ध सास का निधन हो गया था। शव घर पर ही रखा था। घर तोड़ने से मना करने के लिए बार-बार मिन्नते करते रहे। इसके बावजूद प्रशासन के अधिकारियों ने एक न सुनी।

 

यहां कड़ाके की ठंड में अतिक्रमण की कार्रवाई से प्रभावित परिवार के लोग पेड़ के नीचे आग जलाकर रात बिताते दिखाई दिए। सिर से छत तो टूट ही गई अब खाने के भी लाले पड़े हुए है। मासूम बच्चों की आंखे टकटकी लगाकर मदद का इंतजार कर रही है।

 

प्रशासन ने बेघर किया लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता, संगठन और राजनेता कोई भी इनके मदद में आगे नहीं आया। 28 दिसंबर को जिले की दो तहसीलों में भूमाफियाओं के विरूद्ध की गई दो अलग-अलग कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन सवालों में घिर गया है तथा शासन के आदेश पर गठित माफिया दमन दल पर पक्षपात के आरोप लगने लगे हैं। गौरतलब है कि बीती 28 दिसंबर को जब स्लीमनाबाद में घरौंदे तोड़े जा रहे थे। उसी दिन उपनगरीय क्षेत्र माधवनगर में पुनर्वास की जमीन पर अवैध रुप से बनी डरबी होटल पर कार्रवाई करने पहुंचा माफिया दमन दल होटल तोड़ने की बजाय होटल सील कर वापस लौट आया था।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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