
बेंगलुरु/मुंबई, एजेंसी। Karnataka political Crisis सुप्रीम कोर्ट कर्नाटक संकट के सिलसिले में दाखिल याचिकाओं पर शुक्रवार को भी सुनवाई कर रहा है। बागी विधायकों की ओर से पेश हुए वकील मुकुल रोहतगी (Mukul Rohatgi) ने सुनवाई के दौरान दलील दी कि विधानसभा अध्यक्ष भी कुछ अपवादों को छोड़कर अदालत के प्रति जवाबदेह हैं। उनकी ओर से यह भी कहा गया कि इस्तीफों की स्वीकृति के मामले में अध्यक्ष के पास कोई बचाव नहीं है। इस पर मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने विधानसभा अध्यक्ष की ओर से पेश हुए वकील से पूछा कि क्या स्पीकर के पास सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी चुनौती देने की शक्ति है। वहीं बागी विधायकों की ओर से दाखिल याचिकाओं पर यूथ कांग्रेस ने भी सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की मांग की है। यूथ कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि उसके 400 कार्यकर्ता मामले में पार्टी बनना चाहते हैं।
विधानसभा सत्र आज से, भाजपा जारी करेगी व्हिप, हंगामे के आसार
कर्नाटक में जारी संकट के बीच आज से विधानसभा का सत्र भी शुरू हो रहा है। भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि हम इस सत्र के लिए व्हिप जारी करेंगे। ताजा राजनीतिक हालात को देखते हुए भाजपा सदन में इस मुद्दे को उठाएगी और इससे पक्ष-विपक्ष में हंगामा होना तय माना जा रहा है। भाजपा के प्रदर्शन के बाद बेंगलुरु में विधानसभा के आसपास दो किलोमीटर के दायरे में सीआरपीसी की धारा-144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। खुफिया जानकारी के आधार पर बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर ने बुधवार रात इस आशय के आदेश जारी किए। मालूम हो कि राज्य विधानसभा का सत्र 12 जुलाई से शुरू हो रहा है।
स्पीकर बोले, बिजली की गति से नहीं करूंगा काम
स्पीकर ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की परवाह न करते हुए तत्काल फैसला लेने से इनकार किया और कहा कि उनसे यह उम्मीद नहीं की जानी चाहिए कि वह बिजली की गति से काम करेंगे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 10 बागी विधायकों को शाम 6 बजे तक स्पीकर के सामने पेश होने का निर्देश दिया था। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, दीपक गुप्ता और अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि अगर विधायक इस्तीफा देने के इच्छुक हैं तो इसकी जानकारी स्पीकर को दें। कोर्ट ने स्पीकर से भी अनुरोध किया कि वह विधायकों को सुनें और तुरंत उस पर फैसला लें। स्पीकर जो भी फैसला लें वह शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाए।
अभी दो और दिन और मुंबई में ही रुकेंगे बागी विधायक
सुप्रीम के आदेश के बाद कर्नाटक के बागी विधायक गुरुवार को विधानसभा के अध्यक्ष केआर रमेश कुमार (Karnataka Speaker KR Ramesh Kumar) के समक्ष पेश हुए। रमेश कुमार ने बताया कि जिन विधायकों के इस्तीफे निर्धारित प्रारूप में नहीं थे, वे अब सही प्रारूप में प्राप्त हो गए हैं। वह परखेंगे कि इस्तीफे स्वेच्छा से दिए गए हैं और प्रामाणिक हैं या नहीं। बेंगलुरु में स्पीकर से मुलाकात के बाद 14 बागी विधायक गुरुवार शाम को मुंबई लौट गए। मुंबई में एक स्थानीय भाजपा नेता ने बताया कि ये विधायक अभी दो और दिन मुंबई में ही रुकेंगे। सुप्रीम कोर्ट आज फिर मामले की सुनवाई करेगा।
भाजपा ने कहा, जल्द लें फैसला
सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद आननफानन में विधानसभा स्पीकर केआर रमेश कुमार भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। अर्जी दाखिल कर कोर्ट से आदेश वापस लेने की गुहार लगाई, लेकिन कोर्ट ने स्पीकर की अर्जी पर तत्काल कोई आदेश नहीं दिया। आज उनकी अर्जी पर भी सुनवाई होगी। विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने कहा कि कोर्ट ने मुझसे फैसला लेने के लिए कहा है। क्या मुझे बिजली की गति से काम करना चाहिए था? मैं सिर्फ संविधान के लिए जीता हूं… मैं जल्दबाजी में कार्रवाई नहीं कर रहा हूं। मेरी प्रतिबद्धता इस राज्य के लोगों और संविधान के प्रति है। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, विधानसभा अध्यक्ष आज शाम चार बजे उन तीन विधायकों से मिलेंगे जिन्होंने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दिया था।
कुमारस्वामी बोले, सरकार अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने को तैयार
सत्तारूढ़ कांग्रेस-जदएस गठबंधन के 16 बागी विधायकों के इस्तीफे से संकट में घिरी कुमारस्वामी सरकार विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव का बहादुरी और एकजुटता से सामना करने के लिए तैयार है। गुरुवार को कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने विश्वास जताया कि उनकी सरकार बनी रहेगी। इस्तीफा देने की भाजपा की मांग पर कुमारस्वामी ने कहा कि मैं इस्तीफा क्यों दूं? इस समय मुझे इस्तीफा देने की क्या जरूरत है? कांग्रेस नेता और राज्य के सिंचाई मंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को उम्मीद जताई कि विधायकों पर अच्छी भावनाएं हावी रहेंगी और वे अपने इस्तीफे वापस ले लेंगे।
महेश और भाजपा नेताओं की मुलाकात से अटकलें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के नजदीकी माने जाने वाले पर्यटन मंत्री और जदएस नेता सा रा महेश की भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव मुरलीधर राव व वरिष्ठ पार्टी नेता केएस ईश्वरप्पा की मुलाकात से गुरुवार को चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। गवर्नमेंट गेस्ट हाउस में हुई उनकी इस मुलाकात की खबर स्पीकर से बागी नेताओं की मुलाकात के तुरंत बाद सामने आई। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने इसे अचानक हुई मुलाकात करार दिया। उन्होंने कहा कि अस्थिर करने की कोशिशों के बावजूद कांग्रेस-जदएस गठबंधन और मजबूत हो रहा है। महेश ने भी कहा कि भाजपा नेताओं के गेस्ट हाउस में होने की वजह से अचानक मुलाकात हो गई और उनसे संसदीय क्षेत्र से जुड़े मसले पर संक्षिप्त बातचीत हुई।








