Kanwar Yatra Home Puja: कांवड़ यात्रा पर नहीं जा पा रहे? निराश न हों- घर पर इस विधि से करें शिव जी का जलाभिषेक, मिलेगा पूरा पुण्य
Sawan Shivratri Puja Vidhi: घर के मंदिर में कैसे करें जलाभिषेक? जानें नर्मदेश्वर शिवलिंग का महत्व और नियम
Kanwar Yatra Home Puja: कांवड़ यात्रा पर नहीं जा पा रहे? निराश न हों- घर पर इस विधि से करें शिव जी का जलाभिषेक, मिलेगा पूरा पुण्य
न्यूज डेस्क: सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है, जो सावन पूर्णिमा तक रहेगा। सावन शुरू होने के साथ ही देश भर में पावन कांवड़ यात्रा की भी शुरुआत हो चुकी है। इस दौरान महादेव के भक्त पवित्र नदियों का जल कांवड़ में भरकर लाते हैं और शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। यूं तो कांवड़ यात्रा पूरे सावन भर चलती है, लेकिन इसका मुख्य महत्व सावन शिवरात्रि तक रहता है।
यदि आप किसी कारणवश इस बार कांवड़ यात्रा का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं, तो निराश होने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। आप घर पर ही नियमों का पालन करते हुए विधि-विधान से शिव जी का पूजन और जलाभिषेक कर कांवड़ यात्रा के समान ही पुण्य फल प्राप्त कर सकते हैं।
नर्मदेश्वर शिवलिंग पर करें जलाभिषेक
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, घर में जलाभिषेक के लिए नर्मदेश्वर शिवलिंग सबसे उत्तम और श्रेष्ठ माना गया है:
स्वयं सिद्ध शिवलिंग: यह शिवलिंग नर्मदा नदी से प्राप्त होता है और इसे प्राकृतिक रूप से स्वयं सिद्ध माना जाता है।
प्राण प्रतिष्ठा की आवश्यकता नहीं: इस शिवलिंग को घर में स्थापित करने के लिए अलग से प्राण प्रतिष्ठा कराने की जरूरत नहीं होती।
पहचान: नर्मदेश्वर शिवलिंग पर प्राकृतिक त्रिपुंड और रेखाएं बनी होती हैं, जिनसे इसकी पहचान की जाती है।
घर पर जलाभिषेक की सरल एवं सटीक विधि
यदि आप घर पर रहकर ही कांवड़ यात्रा का पुण्य प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस विधि से शिव पूजन करें:
स्नान व वस्त्र: सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। भगवान शिव को सफेद और नीला रंग अति प्रिय है, इसलिए प्रयास करें कि इन्हीं रंगों के वस्त्र पहनें।
दिशा व स्थान: पूजा के समय अपना मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखें और शिवलिंग को किसी अत्यंत स्वच्छ स्थान पर स्थापित करें।
जल पात्र: तांबे या पीतल के लोटे में शुद्ध जल या गंगाजल भरें। यदि गंगाजल उपलब्ध न हो, तो किसी भी पवित्र नदी या साफ जल का उपयोग कर सकते हैं।
मंत्र जाप व अर्पण:“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का निरंतर जाप करते हुए पतली धारा में धीरे-धीरे शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
सामग्री व आरती: जलाभिषेक के पश्चात भगवान शिव को प्रिय बेलपत्र, धतूरा, अक्षत और सफेद चंदन अर्पित करें। अंत में धूप-दीप जलाकर भक्तिभाव से महादेव की आरती करें। Kanwar Yatra Home Puja: कांवड़ यात्रा पर नहीं जा पा रहे? निराश न हों- घर पर इस विधि से करें शिव जी का जलाभिषेक, मिलेगा पूरा पुण्य