जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराध अब गैर-आपराधिक, आम लोगों और कोर्ट दोनों को मिलेगी राहत, नई दिल्ली: सरकार ने जन विश्वास (संशोधन) बिल 2026 लागू कर छोटे अपराधों को गैर-आपराधिक घोषित कर दिया है। इसके तहत मेट्रो या सार्वजनिक जगहों पर पहली बार सिगरेट पीने जैसे मामूली अपराधों में अब जेल की बजाय जुर्माना या चेतावनी दी जाएगी।
जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराध अब गैर-आपराधिक, आम लोगों और कोर्ट दोनों को मिलेगी राहत
सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि लंबित मामूली मामलों को वापस लें, जिससे न्यायपालिका पर दबाव घटे और मामलों का निपटारा तेज हो। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में लगभग 5 करोड़ छोटे-मोटे मामले लंबित हैं, जिनमें से अधिकांश अब गैर-आपराधिक होंगे।
कानून में कुल 784 धाराओं में बदलाव किए गए हैं, जिनमें से 57 में जेल की सजा पूरी तरह खत्म, 158 में जुर्माना हटाया गया और 113 में केवल पेनल्टी लागू होगी। मोटर व्हीकल एक्ट और प्रदूषण से जुड़े नियमों में भी पहली गलती पर चेतावनी या हल्का जुर्माना मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य है कि आम जनता और कारोबार दोनों को कानूनी झंझट से राहत मिले और प्रशासनिक प्रक्रियाएं आसान बनें। जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराध अब गैर-आपराधिक, आम लोगों और कोर्ट दोनों को मिलेगी राहत








