जबलपुर रांझी मर्डर न्यूज़: जबलपुर के रांझी थाना क्षेत्र स्थित गोकलपुर आजाद नगर में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित भंडारे के दौरान तेज रफ्तार मोटरसाइकिल चलाने को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। बाइक धीरे चलाने की समझाइश देने से नाराज बेखौफ बदमाशों ने श्रद्धालुओं पर लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों और धारदार चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक वारदात में कंचनपुर निवासी 48 वर्षीय पारस यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी सोमवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या की धाराएं दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
📌 घटना के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- घटना स्थल: दुर्गा मंदिर के पास, आजाद नगर (गोकलपुर, रंझी – जबलपुर)
- मुख्य कारण: भीड़भाड़ वाले भंडारे में तेज रफ्तार बाइक चलाने पर टोकना और 5000 रुपये का अवैध ‘भंडारा टैक्स’ मांगना।
मृतक: पारस यादव (उम्र 48 वर्ष, निवासी कंचनपुर)।
घायल: रविशंकर गोटिया, रागिनी गोटिया, पप्पू बर्मन, अनुज कोल, आदि गोटिया, बिट्टू झारिया, मनीषा गोटिया सहित कई महिलाएं व बच्चे।
गिरफ्तार आरोपी: समीर वंशकार, यश वंशकार, रोहित और छोटू।
जानिए क्या है पूरा मामला: भीड़ में तेज रफ्तार बाइक चलाने पर शुरू हुआ विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार रात करीब 10 बजे आजाद नगर में दुर्गा मंदिर के पीछे माता का जागरण और भंडारे का आयोजन चल रहा था। शरद पूर्णिमा का अवसर होने के कारण प्रसाद वितरण के समय सड़क पर श्रद्धालुओं, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की काफी भीड़ थी।
इसी दौरान आजाद नगर निवासी समीर वंशकार का बेटा यश वंशकार भीड़ के बीच से अत्यधिक तेज रफ्तार में मोटरसाइकिल चलाते हुए निकला। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने उसे वाहन धीरे और सावधानी से चलाने की नसीहत दी। इस बात पर यश ने तीखी आपत्ति जताई और कहासुनी के बाद वहां से चला गया।
गुंडों के साथ लौटकर मांगी 5,000 रुपये की अड़ीबाजी, फिर बोला धावा
मामला यहीं शांत नहीं हुआ। कुछ ही देर बाद यश अपने पिता समीर वंशकार और अन्य साथियों—रोहित तथा छोटू—के साथ लाठी-डंडे और धारदार हथियार (चाकू) लेकर मौके पर पहुंचा। आरोपियों ने दबंगई दिखाते हुए भंडारा आयोजित करने के बदले 5 हजार रुपये के ‘भंडारा टैक्स’ की मांग की।
जब श्रद्धालुओं ने रंगदारी देने से साफ मना किया, तो आरोपियों ने तांडव मचाना शुरू कर दिया।
- डंडों से हमला: यश को टोकने वाले रविशंकर गोटिया पर डंडों से हमला कर उनके सिर, हाथ और कमर को बुरी तरह चोटिल कर दिया।
चाकूबाजी और पथराव: बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों पर ईंट-पत्थरों से हमला किया गया और चाकू मारकर पप्पू बर्मन तथा अनुज कोल को लहूलुहान कर दिया गया।
पारस यादव को आई थी गंभीर चोटें: बीच-बचाव में शामिल 48 वर्षीय पारस यादव भी आरोपियों की बेरहमी से की गई मारपीट में गंभीर रूप से घायल हो गए।
वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
जबलपुर रांझी मर्डर न्यूज़: उपचार के दौरान पारस यादव ने तोड़ा दम, क्षेत्र में भारी जनाक्रोश
घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से गंभीर रूप से घायल पारस यादव का इलाज जारी था। हालांकि, सोमवार शाम डॉक्टरों के अनथक प्रयासों के बावजूद पारस यादव ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर फैलते ही रंझी के गोकलपुर और आजाद नगर इलाके में तनाव और भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। जबलपुर रांझी मर्डर न्यूज़
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: चारों आरोपी गिरफ्तार, दर्ज हुई हत्या की धारा
वारदात की सूचना मिलते ही रंझी थाना पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की। पुलिस ने देर रात दबिश देकर चारों नामजद आरोपियों—समीर वंशकार, यश, रोहित और छोटू—को हिरासत में ले लिया।
पुलिस बयान:
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती मामला मारपीट और जानलेवा हमले का दर्ज किया गया था, लेकिन घायल पारस यादव की मौत के बाद अब मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या (धारा 103) की धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।














