IS के 14 सदस्यीय मॉड्यूल का भंडाफोड़, NIA ने बेंगलुरु से 2 लोगों को किया गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तथाकथित इस्लामिक स्टेट (आईएस) के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है।
एजेंसी ने बुधवार को बेंगलुरु से आईएस के दो कथित गुर्गों 40 वर्षीय अहमद अब्दुल कादिर और 33 वर्षीय इरफान नासिर को गिरफ्तार किया है।
एजेंसी ने जांच में पाया है कि 2013-14 में कम से कम 13-14 लोग बेंगलुरु से इराक और सीरिया गए थे।
माना जाता है कि उनमें से दो आईएस के लिए लड़ते हुए सीरिया में मारे गए, जबकि कुछ कथित तौर पर मोहभंग होने से 2014 में चुपचाप लौट आए।
इनमें से कई अभी भी फरार हैं। सूत्रों ने कहा कि एनआईए ने मॉड्यूल के सभी सदस्यों की पहचान कर ली है और उनकी गतिविधियों के बारे में जांच की जा रही है, जो कादिर और नासिर के संपर्क में थे।
गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में से कादिर एक बैंक का व्यापार विश्लेषक है और नासिर अपने परिवार के व्यवसाय को चलाता है।
इन्होंने ने कथित तौर पर मॉड्यूल के अधिकांश सदस्यों को कट्टरपंथी बनाया और कम से कम पांच सदस्यों की यात्रा के लिए फंडिंग भी की।
दोनों को बेंगलुरु की विशेष एनआईए अदालत ने पूछताछ के लिए 10 दिन की हिरासत में भेजा है।
नेत्र चिकित्सक रहमान से मिला था इनपुट
एजेंसी को अगस्त में बेंगलुरु से पकड़े नेत्र चिकित्सक अब्दुल रहमान से पूछताछ में इनके बारे में इनपुट मिले थे। कादिर, नासिर और उनके कुछ सहयोगी हिज्ब यूटी-तहरीर (हूटी) के सदस्य थे। इन्होंने बाद में कुरान सर्कल नाम का एक समूह बनाया और लोगों को कट्टरपंथी बनाकर चंगुल में फंसाया।
कासरगोड और पलक्कड़ सबसे बड़ा था
बता दें कि इससे पहले एक बड़ा 22 सदस्यीय मॉड्यूल 2016 में केरल के कासरगोड और पलक्कड़ जिलों से इराक और सीरिया की यात्रा पर गया था। यह भारत से इस क्षेत्र की यात्रा करने वाला सबसे बड़ा समूह माना जाता है।
अधिकारियों ने कहा कि कई गुर्गों ने 2014 से इराक, सीरिया और अफगानिस्तान में आईएस के कब्जे वाले इलाकों की यात्रा की है लेकिन छोटे समूहों या व्यक्तिगत रूप से।








