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दुबई में तेल टैंकर पर ईरानी ड्रोन हमला, रिसाव से बढ़ सकता है पर्यावरण और स्वास्थ्य खतरा

दुबई में तेल टैंकर पर ईरानी ड्रोन हमला, रिसाव से बढ़ सकता है पर्यावरण और स्वास्थ्य खतरा

दुबई: दुबई में तेल टैंकर पर ईरानी ड्रोन हमला, रिसाव से बढ़ सकता है पर्यावरण और स्वास्थ्य खतरा, ईरानी ड्रोन ने कुवैती ऑयल टैंकर अल सालमी को दुबई के जेबेल अली बंदरगाह पर निशाना बनाया। टैंकर में 20 लाख बैरल तेल था। आग बुझा दी गई, लेकिन तेल रिसाव से समुद्री और वायुमंडलीय स्वास्थ्य पर गंभीर असर होने का खतरा है।

तेल रिसाव के खतरे

गर्म पानी में तेल तेजी से फैलता है और 24–48 घंटों में वाष्प बनकर हवा में मिल जाता है।
हवा की क्वालिटी प्रभावित, आसपास के लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर।
समुद्री जीवन को नुकसान: पक्षियों और ऊदबिलाव के लिए हाइपोथर्मिया का खतरा।
विषैले यौगिक हृदय और इम्यून सिस्टम पर असर डालते हैं।

सफाई और जिम्मेदारी

1990 का तेल प्रदूषण अधिनियम जवाबदेही तय करता है। रिसाव के लिए जिम्मेदार पक्ष को सफाई का खर्च वहन करना होगा। असर का आकलन और धन जुटाने की प्रक्रिया को नेचुरल रिसोर्स डैमेज एसेसमेंट (NRDA) कहते हैं।  तेल टैंकर पर हमला केवल आर्थिक और ऊर्जा संकट नहीं बढ़ाता, बल्कि समुद्री पारिस्थितिकी और मानव स्वास्थ्य के लिए लंबे समय तक खतरा पैदा कर सकता है। दुबई में तेल टैंकर पर ईरानी ड्रोन हमला, रिसाव से बढ़ सकता है पर्यावरण और स्वास्थ्य खतरा

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