ईरान ने होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर 12 सूत्रीय ड्राफ्ट तैयार किया, जहाजों पर सख्त नियम लागू करने की तैयारी
ईरान ने होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर 12 सूत्रीय ड्राफ्ट तैयार किया, जहाजों पर सख्त नियम लागू करने की तैयारी। ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक नया 12-प्वॉइंट ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसे संसद से मंजूरी मिलने के बाद कानून का रूप दिया जा सकता है। इस कदम से वैश्विक तेल और समुद्री व्यापार पर बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
क्या है प्रस्ताव में खास?
रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रस्ताव में कहा गया है कि:
- इजराइल और उसके करीबी देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी
- नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों से 20% माल टोल (चुंगी) के रूप में जब्त किया जाएगा
- जहाजों को ईरानी रियाल में टोल देना होगा, जिसकी राशि जहाज के आधार पर तय की जाएगी
किन देशों पर असर पड़ेगा?
प्रस्ताव लागू होने पर इजराइल के अलावा उसके सहयोगी देशों जैसे ग्रीस, यूएई और सोमालीलैंड के जहाजों पर असर पड़ सकता है।
वहीं, ईरान ने संकेत दिया है कि उसके मित्र देशों जैसे भारत और चीन के जहाजों पर यह टोल लागू नहीं होगा।
होर्मुज का रणनीतिक महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह के प्रतिबंध या नियंत्रण से अंतरराष्ट्रीय बाजार पर सीधा असर पड़ सकता है।
ईरान का दावा
ईरान ने अपने प्रस्ताव में होर्मुज को अपना हिस्सा बताते हुए कहा है कि नियमों का पालन सभी जहाजों के लिए अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, कुछ मामलों में ईरान की सर्वोच्च परिषद से अनुमति लेना भी जरूरी होगा।यह प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर यह कानून लागू होता है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर गंभीर असर देखने को मिल सकता है।

