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कटनी तहसील के ग्राम झलवारा में निजी भूमि पर बन गए पीएम आवास, पूर्व सचिव पर भूस्वामी ने लगाए गंभीर आरोप, उच्च न्यायालय के आदेश को भी तव्वजों नहीं दे रहे जिम्मेदार

कटनी तहसील के ग्राम झलवारा में निजी भूमि पर बन गए पीएम आवास, पूर्व सचिव पर भूस्वामी ने लगाए गंभीर आरोप, उच्च न्यायालय के आदेश को भी तव्वजों नहीं दे रहे जिम्मेदा

कटनी। कटनी तहसील के ग्राम झलवारा में निजी भूमि पर पीएम आवास योजना के मकान बनाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। भूस्वामी ने पूर्व सचिव पर उसकी निजी भूमि खुर्दबुर्द करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में भूस्वामी के द्धारा एक शिकायत जनसुनवाई में देते हुए भूमि खाली कराने की मांग की है। जनसुनवाई में दिए शिकायती पत्र की प्रति यशभारत डाट काम को उपलब्ध कराते हुए भूस्वामी ओम प्रकाश स्वर्णकार ने बताया कि कटनी तहसील के ग्राम झलवारा पहाड़ी हल्का नंबर 30 राजस्व निरीक्षक मंडल हीरापुर कौडिय़ा के खसरा क्रमांक 301 में रकवा 0.500 भूमि उसके नाम पर दर्ज है। ओम प्रकाश पिता स्वर्गीय राजाराम स्वर्णकार ने बताया कि झलवारा के पूर्व सचिव राजेश पटेल ने पीएम आवास योजना के आवेदकों हरक्षाठी गड़ारी, शिवचरण गड़ारी, मूलचंद गड़ारी एवं हरी गड़ारी से साथ सांठगांठ करते हुए उसकी निजी भूमि पर पीएम आवास बनवा दिए हैं। इसके अलावा पीएम आवास के इन आवेदकों ने शासन द्वारा प्रदान इन मकानों के साथ भूमि स्वामी ओमप्रकाश स्वर्णकार की सम्पूर्ण भूमि मे फसल लगाकर कब्जा करते हुए उन्ही पीएम आवास के साथ कच्चे मकान भी बना लिए हैं। जिसका उल्लेख न्यायालय तहसील ग्रामीण कटनी के सीमांकन रिपोर्ट में है। ओमप्रकाश स्वर्णकार ने बताया कि वह माननीय न्यायालय तहसीलदार कटनी (ग्रामीण) के समुख अपील किया तो न्यायालय की जांच उपरांत 4 मार्च 2022 कों उपरोक्त भूमि से कब्जा मुक्त कराने का आदेश पारित किया गया। इस आदेश के पारित होने के बाद लगभग तीन साल का समय बीता जा रहा है परंतु आज दिनांक तक उसकी निजी भूमि को कब्जा मुक्त नहीं कराया गया। भूमि स्वामी ओमप्रकाश स्वर्णकार के द्वारा जन सुनवाई के माध्यम से कलेक्टर के समुख भी अनुचित रूप से बनाये गए पीएम आवास और उनके साथ बने कच्चे मकानों की शिकायत की गई। जिसकी जांच उपरांत तहसीलदार कटनी ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कटनी कों उपरोक्त पंचायत द्वारा कराये गए कार्य की जांच कर संबंधित कर्मचारी/अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने हेतु पत्र भेजा गया। जिसमें भी आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। भूमि स्वामी द्वारा उच्च न्यायालय म.प्र. के समुख तहसीलदार के आदेश का पालन पुलिस बल समेत करवाए जाने के साथ गलत तरीके से बनाये गए पीएम आवासो और उनके साथ बने कच्चे मकानों कों भी हटाने की अपील प्रस्तुत की गई। जिसमें माननीय उच्च न्यायालय ने बीती 18 फरवरी 2025 कों पुलिस बल समेत उपरोक्त कब्जे कों मुक्त कराने हेतु आदेश पारित किया गया है लेकिन आज दिनांक तक उच्च न्यायालय के आदेश पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

Rohit Sen

15 वर्षों से प्रिंट एवं डिजीटल मीडिया में कार्य का अनुभव वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में जिला प्रतिनिधि