आदर्श कालोनी के प्रबुद्धपुरी में पार्क की जमीन पर कब्जा करने की शिकायत कलेक्टर से, क्षेत्रवासियों ने की जांच कराकर जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग

कटनी। शहर के आदर्श कालोनी क्षेत्र में प्रबुद्धपुरी के नाम से जानी जाने वाली कालोनी स्थित पार्क की जमीन पर कब्जा कर उसे विक्रय किए जाने की साजिश रचने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले को लेकर कालोनीवासियों ने आज मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर के नाम एक शिकायत देकर मामले की जांच कराते हुए पार्क के लिए आरक्षित जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। जनसुनवाई में कलेक्टर दिलीप कुमार यादव को दिए गए शिकायती पत्र की प्रति यशभारत डाट काम को उपलब्ध कराते हुए प्रबुद्धपुरी के रहवासियों ने बताया कि आज से लगभग 30-35 वर्ष पूर्व भू-स्वामी स्वर्गीय श्री कृष्ण मुरारी पुरवार के द्वारा विभिन्न हिस्सों में भूमि का विक्रय कर प्रबुद्धपुरी गली नंबर 1, 2, 3, 4 के नाम से रखा गया था। जिसमें गली नंबर 2 व 3 के बीच में एक पार्क विकसित करने के लिए भूमि चिन्हित की गई थी जो कि जब से उक्त क्षेत्र को सभी रहवासियों को पार्क की भूमि ही मानी एवं सुनी जा रही थी। अभी तक भूमि का पार्किंग हेतु उपयोग क्षेत्र के लोगों द्धारा किया जा रहा था। रहवासियों के मुताबिक इस भूमि से लगी हुई डॉ. वंदना गुप्ता की ओमशांति हास्पिटल नाम से बिल्डिंग है। जिसके पास पार्किंग हेतु जगह इसी गार्डन को उपयोग किया जा रहा था। आज उस भूमि पर स्वर्गीय श्री कृष्ण मुरारी पुरवार के वारसानों एवं पुत्र प्रबुद्ध पुरवार के द्वारा पार्क की जमीन पर बाउन्ड्रीवाल करके कब्जा कर और विक्रय करने एवं लाभ कमाने की नियत से यह कार्य किया जा रहा है। इनके द्वारा आज तक कभी भी उक्त स्थल पर कोई भी पार्क विकसित नहीं किया क्योंकि उक्त जगह की कीमत अब आसमान पर हो जाने से उनकी नियत में खोट आ गई है। जिसको बेचकर पर बहुत अधिक लाभ कमाना चाहता है, जिससे हम सभी रहवासी बड़े ही चिंतित है कि उक्त पार्क की भूमि को कूटरचित तरीके से कब्जा करके कमर्शियल उपयोग में लेकर विक्रय करने से क्षेत्र के लोगों को पार्क जैसी सुविधा से वंचित करने का षडयंत्र रचा जा रहा है। यहां पर कॉलोनीवासी छोटे-छोटे आयोजन कई वर्षों से करते चले आ रहे है। भूमि सार्वजनिक उपयोग हेतु छोड़ी गई है। क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर दिलीप कुमार यादव से तत्काल पूरे मामले की जांच कराते हुए पार्क के लिए आरक्षित जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है।








