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कटनी में देर रात जोरदार बारिश से शहर तरबतर, फिर सुबह से धूप और उमस से लोग हलाकान, देर शाम फिर वर्षा की सम्भावना

कटनी जिले में देर रात जोरदार बारिश से शहर तरबतर, फिर सुबह से धूप और उमस से लोग हलाकान, देर शाम फिर वर्षा की सम्भावना

कटनी। मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है। कटनी की बात करें तो बीती रात बारिश ने पूरे जिले को तरबतर कर दिया सुबह जब लोग सो कर उठे तो कई स्थानों पर जलभराव दिखा। देर रात करीब 2 बजे से बारिश हुई यह सिलसिला आज भी जारी हो सकता है हालांकि कटनी जिले में सुबह से तेज धूप के साथ उमस से लोग हलाकान थे पर शाम तक बारिश की सम्भावना बन रही है।

आज सोमवार को धार, इंदौर, खरगोन, देवास, छिंदवाड़ा में मध्यम गरज के साथ बारिश और बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, इंदौर, छिंदवाड़ा बालाघाट और पांढुर्ना में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। रतलाम, मंदसौर, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, नर्मदापुरम, बालाघाट, मुरैना, श्योपुरकलां, रायसेन, खंडवा, नीमच, बैतूल, पंढुर्ना, नरसिंहपुर, टीकमगढ़, छतरपुर में पूर्वाह्न के समय हल्की गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

मंगलवार को प्रदेश के सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, पांढुर्णा, बैतूल, खरगोन, बड़वानी में तेज बारिश तो भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सहित बाकी जिलों में हल्की बारिश । 17 जुलाई को इंदौर, उज्जैन, आगर मालवा, राजगढ़, शाजापुर, भोपाल, सीहोर, विदिशा, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. आने वाले दिनों में भी मध्य प्रदेश में मानसून तेज गति से सक्रिय रहने वाला है।

मध्य प्रदेश के मौसम विभाग का ताजा  पूर्वानुमान 

  • पाकिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ और मानसून द्रोणिका वर्तमान में राजस्थान, उत्तर प्रदेश से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र, झारखंड एवं ओडिशा पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात और गुजरात पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात है। गुजरात से लेकर केरल तक अपतटीय द्रोणिका बनी हुई है।
  • अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के चलते सोमवार को भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, शहडोल, इंदौर संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर मध्यम वर्षा हो सकती हैस प्रदेश के शेष क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की वर्षा होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के एक-दो दिन में कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने से प्रदेश में अच्छी वर्षा का सिलसिला शुरू हो सकता है।

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