हरेमाधव रुहानी बाल संस्कार में बच्चों ने सीखा पौधारोपण का महत्व, गुरुपूर्णिमा का संदेश भी दिया गया
हरेमाधव रुहानी बाल संस्कार में बच्चों ने सीखा पौधारोपण का महत्व, गुरुपूर्णिमा का संदेश भी दिया गय
कटनी। हरेमाधव परमार्थ सत्संग समिति, माधवनगर द्वारा संचालित हरेमाधव रुहानी बाल संस्कार में प्रत्येक रविवार बच्चों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से विभिन्न ज्ञानवर्धक एवं संस्कारात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में इस रविवार बच्चों को पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण के महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बच्चों को बताया गया कि मानव सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्र की समृद्धि में वनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जल, पृथ्वी, अग्नि, आकाश और वायु जैसे प्रकृति के पांचों तत्वों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। बढ़ते प्रदूषण के कारण प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो रहा है, इसलिए अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना समय की आवश्यकता है। बच्चों को अपने घर और आसपास उपलब्ध स्थानों पर पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर बच्चों को गुरुपूर्णिमा के आध्यात्मिक महत्व से भी अवगत कराया गया। “गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः…” श्लोक का अर्थ समझाते हुए जीवनमुक्त सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहिब के प्रेरणादायी सत्संदेशों से परिचित कराया गया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहिब की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से बच्चों द्वारा पौधारोपण भी कराया गया। उन्हें गमलों में मिट्टी एवं गोबर खाद का मिश्रण तैयार करने, पौधा लगाने, सिंचाई, गुड़ाई तथा पौधों की नियमित देखभाल की विधि व्यावहारिक रूप से सिखाई गई। कार्यक्रम के अंत में प्रत्येक बच्चे को उसके द्वारा लगाया गया पौधा आशीर्वाद स्वरूप घर ले जाने के लिए दिया गया तथा उसकी सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
समिति के पदाधिकारियों ने बच्चों से आह्वान किया कि वे अपने परिवार और मित्रों के साथ अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं, जिससे हरियाली बढ़े, प्रकृति संतुलित रहे और स्वस्थ एवं ऊर्जावान समाज का निर्माण हो सके।






