हमीदिया अस्पताल में ‘मिल्क मैजिक’ के MD को VIP सुविधाएं: बेड पर चला रहा था मोबाइल, दो जेल प्रहरी सस्पेंड
Bhopal Hamidia Hospital Case: 600 करोड़ के कारोबारी को अस्पताल में वीआईपी ट्रीटमेंट- 2 जेल प्रहरी निलंबित, कैदी चला रहा था मोबाइल

हमीदिया अस्पताल में ‘मिल्क मैजिक’ के MD को VIP सुविधाएं: बेड पर चला रहा था मोबाइल, दो जेल प्रहरी सस्पेंड
भोपाल: भोपाल के प्रसिद्ध हमीदिया अस्पताल में भर्ती जालसाजी के आरोपी किशन मोदी को कथित तौर पर वीआईपी (VIP) सुविधाएं दिए जाने का मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। केंद्रीय जेल भोपाल के अधीक्षक ने ड्यूटी में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में जेल प्रहरी सुदीप शर्मा और एमके मांझी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। इसके साथ ही पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
बेड पर मोबाइल का इस्तेमाल, बाहर का खाना और मिनरल वाटर
हमीदिया अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान सुरक्षा नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं:
-
खुलेआम मोबाइल यूज: आरोपी अस्पताल के बेड पर बैठकर बेधड़क मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता पाया गया।
-
बाहर से भोजन-पानी: आरोपी के लिए अस्पताल के बाहर से स्वादिष्ट खाना और बोतलबंद मिनरल वाटर लाया जा रहा था।
-
सो रहे थे जेल प्रहरी: कैदी की कड़ाई से निगरानी करने के लिए तैनात जेल प्रहरी सुदीप शर्मा और एमके मांझी अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय अस्पताल की बेंच पर आराम फरमाते देखे गए।
इस घटना के सामने आने के बाद सरकारी अस्पताल में भर्ती कैदियों की सुरक्षा और वीआईपी ट्रीटमेंट पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
‘मिल्क मैजिक’ का एमडी है आरोपी, 19.69 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप
जय श्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स (‘मिल्क मैजिक’) के प्रबंध निदेशक (MD) किशन मोदी पर दूध में पाम ऑयल मिलाकर 19.69 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप है। बताया जाता है कि वह लगभग 600 करोड़ रुपये के बड़े कारोबार से जुड़ा हुआ है।
किशन मोदी 13 मार्च से केंद्रीय जेल भोपाल में बंद है। हृदय रोग (Heart condition) के उपचार के नाम पर उसे 4 जुलाई से हमीदिया अस्पताल के विशेष वार्ड में भर्ती कराया गया है।
स्वास्थ्य रिपोर्ट का अब भी इंतजार
जेल प्रबंधन किशन मोदी की वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति और डिस्चार्ज को लेकर हमीदिया अस्पताल प्रशासन से दो बार आधिकारिक फीडबैक मांग चुका है, लेकिन अब तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। मामले पर हमीदिया अस्पताल के संबंधित डॉक्टरों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।








